प्रेसवार्ता को संबोधित करते डीआईजी सुभाषचंद्र दूबे और एसपी त्रिवेणी सिंह।
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आजमगढ़। नवागत डीआईजी सुभाष चंद्र दुबे मंगलवार को पदभार ग्रहण किया। चार्ज संभालने के दूसरे दिन बुधवार को पुलिस लाइन परिसर में पत्रकारों से मुलाकात की। कहा कि पीड़ितों को न्याय और अपराध पर अंकुश लगाना प्राथमिकता होगी। इसमें कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीआईजी सुभाष चंद्र दुबे ने बताया कि मंडल के तीनों जिलों में जमीन से जुड़े वादों की संख्या अधिक है। ऐसे में ज्यादा दिनों से लंबित वह विवाद जिनके जरिए कानून व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। उनकी पहचान की जाएगी। राजस्व विभाग के साथ पुलिस की टीम गठित कर उन्हें सुलझाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर सीओ से ऊपर स्तर तक के अधिकारियों की भी मदद ली जाएगी। एक सवाल के जवाब में कहा कि थाने पर आने वालों की सुनवाई होगी। केस दर्ज करने में हिला हवाली बर्दाश्त नहीं होगी। दोषी पुलिसवालों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। मूलरुप से सुल्तानपुर के रहने वाले सुभाष चंद्र दुबे साल 2005 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। आजमगढ़ डीआईजी से पहले वे डीआईजी रेलवे और डीआईजी पीएसी मुरादाबाद रह चुके हैं। एसपी के तौर पर वह कन्नौज, श्रावस्ती, हाथरस, औराया, गाजीपुर, कानपुर, सोनभद्र, आगरा, इलाहाबाद, मुजफ्फरपुर, भदोही, झांसी, सहारनपुर आदि जिलों में रहे हैं।