आजमगढ़। एक अप्रैल से परिषदीय स्कूलों में नए शिक्षा सत्र का शुभारंभ तो हो गया। सत्र के पहले दिन बच्चों को तिलक लगाकर और माला पहनाकर उनका स्वागत किया गया, लेकिन बच्चों को हाथों में किताब नहीं है।
अधिकारियों ने दावा किया था कि शिक्षा सत्र शुरू होते ही बच्चों के बस्ते में किताब होगी, लेकिन यह दावे खोखले निकले। नौनिहाल पहले दिन ही खाली बस्ता लेकर स्कूल पहुंचे। वर्तमान में भी कक्षा 1 से 3 के बच्चों की अभी तक किताब नहीं आई है। इन बच्चों के लिए चार लाख किताबें आनी हैं। ये कब आएंगी, किसी को नहीं पता।
पहले किताब आएंगी और फिर बीआरसी पर जाएंगी, बीआरसी से स्कूलों में भेजी जाएंगी। ऐसा माना जा रहा है कि कक्षा 1 से 3 के बच्चों को अभी किताबों का लंबा इंतजार करना होगा। वहीं कक्षा 4 से 8 तक के बच्चों की सभी 23,06,280 किताबें आ तो गई हैं लेकिन काफी स्कूलों में नहीं पहुंची हैं।
जिले में 2706 परिषदीय स्कूल है। इन स्कूलों में 3,32,660 बच्चे पंजीकृत हैं। परिषदीय स्कूलों के बच्चों को निशुल्क किताब उपलब्ध कराई जाती हैं। बच्चे और अभिभावक इंतजार कर रहे थे कि बच्चे बस्ते में किताब लेकर पहले दिन स्कूल पहुंचेंगे। बड़ी संख्या में बच्चों को किताबें नहीं मिली।