आजमगढ़। राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव न तो आजमगढ़ को छोड़ सकते हैं और न ही जिला उनको छोड़ सकता है। उक्त बातें समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी धर्मेंद्र यादव ने सदर विधानसभा में हेंगापुर, छतवारा, खल्लोपुर, धरवारा आदि गांवों का सोमवार को भ्रमण करते समय कहीं। उन्होंने कहा कि विधानसभा में मौजूद विपक्ष बन जनता की आवाज उठाने के लिए लोकसभा से अखिलेश यादव ने इस्तीफा दिया है और तब उन्होंने मुझे आपकी सेवा में भेजा है। मैं अपनी क्षमता का उपयोग करके जितनी बेहतर से बेहतर आपकी सेवा करने का प्रयास करना होगा करूंगा और मैं यह भी विश्वास दिलाना चाहता हूं कि न ही केवल क्षेत्र के लोगों के बेहतरी के लिए काम करूंगा। बल्कि यहां के लोगों के मान-सम्मान-स्वाभिमान के लिए संघर्ष भी करना पड़ेगा तो करूंगा। दलितों से कहा कि मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि आपके आशीर्वाद से संसद में पहुंचा तो आपके अन्याय और अत्याचार के खिलाफ बहुत मजबूती से सड़क पर लड़ना पड़ेगा तो सड़क पर लड़ने का काम करेंगे। अगर संसद में लड़ना पड़ेगा तो वहां भी सरकार की आंख में आंख डाल कर लड़ने का काम करूंगा। उन्होंने कहा कि दलित समाज से लोग सिर्फ चुनाव तक ही लगाव रखते हैं, उसके बाद उस समाज का शोषण और अन्याय करते हैं। नौकरियों में उनके आरक्षण से बेमानी करते हैं। आजमगढ़ के नौजवानों आपको यह विश्वास दिलाना चाहता हूं कि सेना भर्ती में जो कानून बनाया गया है और उसको लेकर के जो असंतोष फैला है, आपके आशीर्वाद से अगर संसद में पहुंचा तो उस कानून का तब तक विरोध करूंगा जब तक कि सरकार इस काले कानून को वापस नहीं ले लेती।