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चार राज्यों में फैला था नरेंद्र मोदी मोर्चा के ठगी का जाल

Thu, 18 Jan 2018 12:52 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
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Ashish Singh Rajput - फोटो : अमर उजाला
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धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार नरेंद्र मोदी मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष सिंह राजपूत उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान आदि राज्यों में संगठन में पदाधिकारी बनाने, नौकरी दिलाने, गनर दिलाने और ट्रांसफर-पोस्टिंग कराने के नाम पर लोगों से धन उगाही करता था।
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ग्राहकों की तलाश और रुपये के लेनदेन राजस्थान के रहने वाला इसका दूसरा साथी राजीव रंजन करता था,  जो संगठन का राष्ट्रीय महामंत्री था। बुधवार को शहर कोतवाली में इसका खुलासा करते हुए एसपी अजय कुमार साहनी ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।

एसपी ने बताया कि शहर के आसिफगंज मुहल्ला निवासी सैय्यद काजी अरशद ने 27 अक्तूबर 2017 को शहर कोतवाली में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

अरशद का आरोप था कि बिहार के वैशाली जिले के विद्योपुर थाना क्षेत्र के पकौली गांव निवासी आशीष सिंह राजपूत, उसकी पत्नी डाली त्यागी और उसका साथी राजीव रंजन कौशल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर नरेंद्र मोदी मोर्चा नाम का संगठन बनाकर लोगों से धोखाधड़ी करते हुए धनउगाही करते हैं।
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संगठन का रजिस्ट्रेशन गाजियाबाद चिटफंड कार्यालय से कराया गया है। इनका रैकेट यूपी के अलावा गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान आदि राज्यों में फैला हुआ है। यह लोग मोर्चा का सदस्य और पदाधिकारी बनाने के नाम पर लोगों से रुपये ऐंठते हैं।

खुद उससे भी दो किस्तों में 1.10 लाख रुपये ले चुके हैं, और बड़ा पद देने के लिए और रुपये की मांग कर रहे थे। यह लोग कई बड़े-बड़े अधिकारियों को हटाने और उन्हें मनचाहा पद दिलाने के नाम पर भी रुपये लेते हैं।

अपने पदाधिकारियों को गनर दिलाने के नाम पर भी धनउगाही कर रहेे थे। बुधवार को शहर कोतवाल योगेंद्र बहादुर सिंह ने अपनी टीम के साथ गाजियाबाद से आशीष को गिरफ्तार किया।

इसके पास कई तरह के धोखाधड़ी साबित करने वाले दस्तावेज बरामद हुए हैं। एसपी ने बताया कि रुपये का लेनदेन और ग्राहकों की तलाश करने वाले राजस्थान के राजीव रंजन कौशल की पुलिस तलाश कर रही है।

पहले दर्ज एक और मुकदमे पर अब गई नजर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर नरेंद्र मोदी मोर्चा नामक संगठन बनाकर चार से अधिक राज्यों में संगठन के विरुद्ध अहरौला थाने में केस दर्ज कराया गया है। जिसमें तहबरपुर थाना क्षेत्र के हजारेपुर गांव निवासी एक व्यक्ति को आरोपी बनाया गया।

जो खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय में तैनात होना बताकर चार राज्यों में अंग्रेेजी शराब की दुकान खुलवाने के नाम पर 25 लाख की ठगी कर चुका है। पीएम के नाम पर यह फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद पुलिस उक्त मुकदमों को भी संज्ञान में लेते हुए अपनी जांच शुरू कर दी है।

अहरौला थाने में अप्रैल 2017 में केस दर्ज कराने वाला दुर्गेश तिवारी अहरौला थाना क्षेत्र के समदी गांव का निवासी है। दिल्ली में अच्छाखासा व्यापार होने की वजह से दुर्गेश का पूरा परिवार वहीं रहता है।

दुर्गेश का दूर का रिश्तेदार संजय पांडे तहबरपुर थाना क्षेत्र के हजारेपुर गांव का निवासी है। दुर्गेश तिवारी का आरोप था संजय ने खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय में अधिकारी बताया और उसके पिता रामजीत को चार प्रदेशों में शराब की थोक दुकान खोलने के लिए लाइसेंस दिलाने के नाम पर 25 लाख रुपये लिए।

लेकिन किसी एक राज्य में भी ठेका नहीं दिला सका। खुद को ठगे जाने का खुलासा होने पर दुर्गेश ने संजय के विरुद्ध अहरौला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। मामला प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़ा होने की वजह से पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की और मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया। बुधवार को आशीष का मामला खुलने पर इस मामले को भी संज्ञान में लेकर जांच शुरू कर दी है।

अहरौला थाने में पीएमओ कार्यालय में तैनात कर्मचारी के विरुद्ध दर्ज धोखाधड़ी के मुकदमे को भी संज्ञान में लिया गया है। पुलिस इस बात का पता लगा रही कि कहीं दूसरा इस तरह का गिरोह तो सक्रिय नहीं है। इस मुकदमे में कार्रवाई के नाम पर हीलाहवाली होने की भी जांच कराई जाएगी। - अजय कुमार साहनी, एसपी
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