आजमगढ़। मुबारकपुर थाना क्षेत्र के लोहरा गांव में पूर्व की भांति इस बार भी सिर्फ नमाज ही अदा हुई। बिना कुर्बानी किए ही लोगों ने एक दूसरे को ईद उल अजहां की बधाईयां दी। वहीं गांव हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत पुलिस छावनी में तब्दील रहा। एक दिन पूर्व ही गांव के सभी मवेशियों को गिनती कर पड़ोस के गांव भेज दिया गया था।
वर्षो पूर्व लोहरा गांव में कुर्बानी को लेकर सांप्रदायिक तनाव हुआ था। मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा तो कोर्ट ने गांव में ईद उल अजहा पर कुर्बानी पर ही प्रतिबंध लगा दिया। तब से गांव में कुर्बानी प्रतिबंधित है और एक दिन पूर्व से ही गांव को पुलिस छावनी में तब्दील करदिया जाता है। घर-घर तलाशी लेकर मवेशियों की गिनती करते हुए उन्हें पड़ोस के गांव में भेज दिया जाता है। जहां मवेशी तीन दिनों तक रहते है। बुधवार को गांव में ईद उल अजहा की नमाज तो अदा की गई लेकिन कुर्बानी नहीं हुई। पूरा गांव पुलिस छावनी में तब्दील रहा।