अंबारी। माहुल नगर पंचायत में भ्रष्टाचार को लेकर चल रहा सभासदों का अनिश्चितकालीन धरना और प्रदर्शन पांचवें दिन शुक्रवार को भी जारी रहा। सभासद अपनी मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं, वहीं नगर पंचायत प्रशासन धरने को गैरकानूनी बताते हुए पुलिस और जिला प्रशासन से सभासदों पर ही कार्रवाई की मांग की है। अभी तक तहसील अथवा जिले का कोई प्रशासनिक अधिकारी समस्या के समाधान के लिए नहीं पहुंचा है।
माहुल नगर पंचायत के चेयरमैन बदरे आलम और अधिशासी अधिकारी दिनेश चंद्र आर्या पर सभासदों ने बिना प्रस्ताव के विकास कार्य कराने व मानकों की अनदेखी का आरोप काफी दिनों से लगाते चले आ रहे हैं। शासन द्वारा नामित तीन सभासदों का साथ मिलने के बाद सभी सभासदों ने नगर पंचायत में अब तक हुई खरीद फरोख्त व विकास कार्यों में खर्च धन की जानकारी नगर पंचायत प्रशासन से मांगी। पांच दिनों से आंदोलनरत सभासदों का कहना है कि अधिशासी अधिकारी और चेयरमैन द्वारा विकास कार्यों में व्यापक रूप से भ्रष्टाचार किया गया है। पांच दिन से हम धरनारत है लेकिन इनकी तानाशाही इस कदर है कि इनके कानों पर जूं तक नही रेंग रही है। यदि दो दिनों में यदि हमारी मांगे नहीं मानी जाती तो हम अधिशासी अधिकारी को उनके कक्ष में बैठने नहीं देंगे, तालाबंदी कर देंगे। इस मौके पर अजय श्रीवास्तव, दिलीप सिंह, खालिद, प्रमिला, ओमप्रकाश बिन्द, हाफिज हारून, भूखल राम, प्रह्लाद आदि रहे। उधर, चेयरमैन बदरे आलम का कहना है कि गैरकानूनी तरीक़े से धरनारत सभासद अपनी हठधर्मिता दिखा रहे हैं। रही बात भ्रष्टाचार की तो इसकी कई बार जांच हो चुकी है और नगर पंचायत प्रशासन को क्लीन चिट मिल चुकी है।