अतरौलिया विकास खंड के बहिरादेव में बन रहे लोहिया इको पार्क का नाम प्रथमदेव स्थान रखने की मांग पूरी करने पर पांच दिनों से अनशन पर बैठे दुर्वाषा महामहामंडलेश्वर श्री रामलाल जी मौनी बाबा ने सोमवार को अनशन तोड़ दिया। माध्यमिक शिक्षामंत्री बलराम यादव के प्रतिनिधि के रूप में अतरौलिया के पूर्व चेयरमैन सुभाष जायसवाल ने मौके पर बाबा को बताया कि उनकी सभी मांगें पूरी कर ली गई हैं। इसके बाद, भाजपा नेता जयनाथ सिंह ने गंगाजल पिलाकर बाबा का अनशन खत्म कराया। रविवार की शाम तबीयत अचानक बिगड़ने पर बाबा को प्रशासनिक अधिकारियों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बताते चलें कि लोहिया इको पार्क के निर्माण के लिए अभी हाल ही प्रथम बहिरादेव स्थान पर शिलान्यास का कार्य हुआ था लेकिन जैसे ही पार्क का नाम लोहिया के नाम पर रखने की जानकारी दुुर्वाषा महामंडलेश्वर मौनी बाबा को हुई। वह पांच अगस्त से अनशन पर बैठ गए थे। रविवार की रात लगभग आठ बजे बाबा की तबियत खराब हो गई थी। तब एडीएम प्रशासन आशुतोष द्विवेदी, सीएमओ डा. श्रीकांत तिवारी और एसडीएम बूढ़नपुर सीएल सिंह बाबा को लेकर जिला मुख्यालय पहुंचे और उन्हें जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया लेकिन बाबा के अनुयायी जयनाथ सिंह और अन्य लोगों की जिद पर बाबा को नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया।
सुबह ठीक होने के बाद बाबा फिर प्रथमदेव स्थान स्थित अपनी अस्थायी कुटिया पहुंचे और दोबारा अनशन पर बैठ गए। दोपहर को माध्यमिक शिक्षा बलराम यादव के प्रतिनिधि के रूप में अतरौलिया के पूर्व चेयरमैन सुभाष जायसवाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने मौनी बाबा को उनकी सारी मांगें के माने जाने की सूचना दी। तब भाजपा नेता जयनाथ सिंह ने उन्हें गंगाजल पिलाकर अनशन को समाप्त कराया। जयनाथ सिंह ने कहा कि यह धर्म की जीत हुई है। मौके पर प्रेमदास, कौशल किशोर मिश्र, ब्रह्मराज सिंह, बृजेश सिंह, संतोष यादव, अभिषेक सिंह सोन आदि मौजूद थे।
बाबा की जो भी मांग थी उसे प्रशासन ने मान लिया। निर्माण कार्य रुक गया है और फाइलों को लेकर जिलाधिकारी लखनऊ गए हैं।
- सीएल सिंह, एसडीएम बूढ़नपुर
बाबा की सभी मांगें पूरी करने के माध्यमिक शिक्षामंत्री बलराम यादव के संदेश को लेकर पहुंचा था। बाबा की इच्छा और सहमति से ही इस स्थल पर आगे कोई कार्य होगा। माध्यमिक शिक्षामंत्री ने कहा है कि अगर बाबा जी ने मुझे बुलाकर कह दिया होते तो भी यहां कोई कार्य नहीं होता।
- सुभाष जायसवाल, प्रतिनिधि माध्यमिक शिक्षामंत्री