रमजान की शुरुआत का उत्साह तो रहता ही है लेकिन जुमे से शुरुआत होने के कारण इसकी अहमियत और बढ़ गई है। बड़े बूढ़ों के साथ बच्चे भी रोजा रखने और पहले ही रोजा को जुमे की नमाज पढ़ने को लेकर काफी उत्साहित थे। आम दिनों में खाली रहने वाली मस्जिदें भी आज नमाजियों से भरी नजर आईं।
मस्जिद में जगह पाने के लिए लोग समय से पहले ही घर से मस्जिदों की तरफ निकल पड़े। काफी गर्मी होने के बावजूद रोजेदारों में नमाज को लेकर काफी जज्बा दिखा। जिसकी वजह से बच्चे, बूढ़े, नौजवानों से नगर क्षेत्र की सभी मस्जिदें खचाखच भरी हुई थीं। माहे रमजान का पहला दिन जुमा से शुरू होने से रोजेदारों में काफी खुशी का माहौल रहा। सुबह से ही बच्चे, बूढ़े, नौजवान सभी जुमे की नमाज की तैयारी में जुटे रहे। नहाने के बाद इत्र लगाकर नमाज के लिए बच्चे अपने वालिद के साथ मस्जिद में पहुंच गए थे। नमाज शुरू होने से पहले चार रकात सुन्नत पढ़ा। खूतबा सुना और फिर दो रकात जुमे की नमाज जमात के साथ सभी ने पढ़ा। नमाज के बाद चार रकात सुन्नत पढ़ कर नमाज पूरी की। इस दौरान गर्मी होने के बावजूद रोजेदारों के चेहरे पर नूर झलक रहा था। इबादत के आगे गर्मी का कोई असर नहीं रहा।
पुरानी कोतवाली स्थित जामा मस्जिद, दलालघाट की मस्जिद, पहाड़पुर एक मीनारा मस्जिद, तकिया स्थित मस्जिद, बागमीरपेटू की मस्जिद, कटरा की मस्जिद, फराशटोला की मस्जिद, बरदका की मस्जिद, टेढिय़ा मस्जिद, बाजबहादुर की मस्जिद, राजा साहब किला की मस्जिद, सिधारी स्थित मस्जिद में पढ़ी गई। जो रोजदार नमाजियों से खचाखच भरी थी।