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Azamgarh News: ओपीडी में एक सप्ताह में आए 30 से अधिक टायफाइड से पीड़ित

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बलरामपुर। मानसून के इस मौसम में जलजनित बीमारियां तेजी से पांव पसार रही हैं। वायरल बुखार, खांसी, पेट दर्द और बदन दर्द की समस्या बच्चों से लेकर वयस्कों तक आम हो गई है। मंडलीय जिला अस्पताल में बीते सप्ताह 30 से अधिक वयस्क मरीज टायफाइड से ग्रसित पाए गए हैं, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं।
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चिकित्सकों का कहना है कि यदि वायरल बुखार को नजरंदाज किया गया तो यह टायफाइड का रूप ले सकता है, जिससे मरीजों की हालत गंभीर हो रही है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की नौबत आ सकती है। चिकित्सकों के अनुसार इस मौसम में वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है। कई लोग घरेलू नुस्खों के सहारे इलाज करने में देर कर रहे हैं, जिससे स्थिति और खराब हो रही है।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आरके कुशवाहा ने बताया कि कई बार शारीरिक रूप से मजबूत लोग बुखार को हल्के में लेकर तीन से पांच दिन तक दवा नहीं लेते, जिससे वायरल बुखार मियादी बुखार यानी टायफाइड में बदल जाता है। इससे शरीर कमजोर हो जाता है और मरीज को भर्ती कर इलाज कराना पड़ता है। उन्होंने बताया कि टायफाइड एक संक्रामक रोग है जो साल्मोनेला टाइफी नामक बैक्टीरिया से होता है।
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यह दूषित भोजन और पानी के जरिये फैलता है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, पेट दर्द, सिरदर्द, थकान और शरीर पर लाल चकत्ते शामिल हैं। मरीजों को ठीक होने में 10 से 15 दिन लग रहे हैं।
डॉ. आरके कुशवाहा ने बताया कि वायरल बुखार या खांसी जैसी लक्षणों को नजरंदाज न करें। समय से इलाज लेकर न केवल बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है, बल्कि टायफाइड जैसी गंभीर स्थिति से भी बचा जा सकता है।
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