बलरामपुर। जिले में लगातार बदलते मौसम का सीधा असर लोगों की सेहत पर देखने को मिल रहा है। बारिश और बढ़ती उमस ने वायरल संक्रमण और त्वचा संबंधी रोगों को बढ़ावा दिया है। इसका नतीजा यह है कि मंडलीय अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या प्रतिदिन 1000 के आंकड़े को पार कर चुकी है। बुधवार को मंडलीय अस्पताल में कुल 1076 मरीजों ने पर्चा कटाया।
मंडलीय अस्पताल की सामान्य ओपीडी में जहां सामान्य दिनों में प्रतिदिन 750 से 850 मरीज पहुंचते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 1000 से अधिक हो गई है। सबसे ज्यादा मामले वायरल बुखार, त्वचा रोग और एलर्जी के सामने आ रहे हैं।
चिकित्सक डॉ. आरके कुशवाहा ने बताया कि उनकी ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 100 से 110 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें से लगभग 40 मरीज वायरल बुखार से पीड़ित हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में वायरल के लक्षण सामान्य हो चुके हैं, जैसे बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द और कमजोरी।
त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. पूनम कुमारी ने बताया कि पहले उनकी ओपीडी में रोजाना 150 से 160 मरीज आते थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 200 से 210 तक पहुंच गई है। इन मरीजों में करीब 100 पुराने मरीज हैं, जबकि 100 नए मामले रोज सामने आ रहे हैं। नए मरीजों में इनसेट बाइट (कीड़े के काटने), फंगल इंफेक्शन, फुंसी, एलर्जी और हाथ-पैर में फंगल सड़न जैसे लक्षण देखने को मिल रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बारिश के मौसम में अत्यधिक उमस और गंदगी के कारण त्वचा रोगों और संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
डॉ. पूनम कुमारी ने लोगों को सलाह दी है कि वे गीले कपड़े न पहनें, त्वचा को सूखा और साफ रखें और किसी भी प्रकार की खुजली या जलन की स्थिति में बिना देरी के डॉक्टर से संपर्क करें। वहीं डॉ. कुशवाहा ने लोगों से उबला हुआ पानी पीने, बाहर के खाने से परहेज करने और इम्युनिटी मजबूत बनाए रखने की अपील की है।