आजमगढ़। पराली जलाने की निगरानी सेटेलाइट से होगी। जिस क्षेत्र में पराली जलती मिलेगी उन किसानों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यदि ग्राम प्रधान द्वारा पराली जलाए जाने की घटना को छिपाया जाता है या फिर अधिकारियों को घटना की सूचना देने में शिथिलता अपनाई जाती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। यह बात शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी राजेश कुमार ने कही।
जिलाधिकारी राजेश कुमार की अध्यक्षता में खरीफ 2020 में फसल अवशेष प्रबंध हेतु गठित समिति के साथ की बैठक की। उन्होंने समस्त एसडीएम को निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्रों में खंड विकास अधिकारियों व ग्राम प्रधानों के साथ पराली जलाए जाने की रोकथाम हेतु बैठक करें। यह भी सुनिश्चित करें कि ग्राम पंचायतों में पराली का संग्रह किस स्थान पर किया जाना है।