कार्यपालिका, विधायिका व न्यायपालिका में मनी, मीडिया और माफिया का बेजा दबाव घातक है, इससे लोकतंत्र के समक्ष खतरा उत्पन्न हो गया है।
उक्त बातें पूर्व सांसद और उत्तर प्रदेश गन्ना शोध संस्थान के उपाध्यक्ष रामकृष्ण यादव ने मंगलवार को दीवानी बार के सभागार में मंगलवार को आयोजित सम्मान समारोह में कही।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जो सेवक है वे राजा बन गए हैं। इसके चलते जनता उदासीन होती जा रही है। कहा कि जो व्यक्ति सच्ची लगन, निष्ठा व ईमानदारी से अपना कार्य करता है उसे सफलता अवश्य मिलती है।
किसी को अपने पेशे के प्रति उदासीन नहीं होना चाहिए। पद या सम्मान का पाना संयोग की बात होती है। उन्होंने कहा कि हर परिस्थिति का सामना करने के बाद भी मैं राजनीति से उदासीन नहीं रहा और निरंतर जनसेवा में लगा रहा।
मेरे इसी सेवाभाव के कारण जनता का प्यार मिला और इसी जनता ने मुझे सांसद बनाया था। उन्होंने कहा कि मैं अपने सामर्थ्य के अनुसार अधिवक्ता हित की बात सरकार और पार्टी मुखिया मुलायम सिंह के समक्ष उठाता रहूंगा।
अन्य वक्ताओं में संघ के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद सिंह, शिव गोविंद यादव, सच्चिदानंद राय, प्रभाकर सिंह, विजय बहादुर सिंह, सेंट्रल बार के पूर्व अध्यक्ष राजाराम यादव, पूर्व मंत्री प्रमोद कुमार सिंह, नवीनचंद्र अस्थाना, हरिबंश यादव सहित अनेक अधिवक्ताओं ने कार्यक्रम को संबोधित किया।
इस दौरान अधिवक्ताओं ने पूर्व सांसद व नव नियुक्त गन्ना शोध संस्थान के उपाध्यक्ष का स्वागत माला पहनाकर किया। इस दौरान संघ के मंत्री जगदंबा प्रसाद पांडेय ने संघ की तरफ से रामकृष्ण यादव को शाल भेट कर उनका स्वागत किया। अध्यक्षता दीवानी न्यायालय अभिभाषक संघ के अध्यक्ष दयाराम यादव व संचालन मंत्री ने किया।