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आजमगढ़ मंडलीय अस्पताल में आपरेशन के नाम पर पैसा लेने और बाहर से दवा मंगाने की शिकायत

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मंडलीय जिला चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान मरीज से जानकारी लेती मंडलायुक्त कनक त्रिपाठी और सी? - फोटो : AZAMGARH
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आजमगढ़। मंडलायुक्त कनक त्रिपाठी ने शनिवार को मंडलीय अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान मरीजों के परिजनों ने आपरेशन के लिए पैसे लिए जाने और दवाएं बाहर से मंगाने की शिकायत की गई। इस पर उन्होंने सीएमओ डा. एके मिश्रा को जांच कर तीन दिन में रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
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मंडलायुक्त कनक त्रिपाठी ने कई वार्डों में मरीजों से उनका हाल चाल लिया और आपरेशन, दवा, खान पान के साथ ही अस्पताल द्वारा मुहैया कराई जा रही अन्य सुविधाओं आदि के बारे में विस्तार से जानकारी ली। सीएमओ ने बताया कि अस्पताल में 57 चिकित्सक के सापेक्ष 36 चिकित्सक तैनात हैं। निरीक्षण के समय सभी चिकित्सक अपनी ड्यूटी पर मिले। अस्पताल में गंदगी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सफाई ठेकेदार को तलब किया और सख्त हिदायत दी कि आउट सोर्सिंग के माध्यम से तैनात जो भी सफाई कर्मचारी काम नहीं कर रहे हैं उन्हें तत्काल हटाकर अन्य कर्मचारी को रखें। उन्होंने आगाह किया कि शीघ्र ही पुन: निरीक्षण किया जाएगा यदि सफाई में सुधार नहीं पाया जाता है तो संबंधित फर्म को ब्लैक लिस्टेड कर दिया जाएगा। इमरजेंसी वार्ड में भर्ती भरौली निवासी सौरभ सिंह, सकिया बकिया निवासी सौरभ तिवारी, जहानागंज निवासी धनपति देवी, पलिया सोफीगंज निवासी रामवृक्ष, तेजपालपुर धुसवां निवासी लालचंद यादव, जमालपुर निवासी राजनाथ व देवपार निवासी कौशिल्या देवी आदि से विजिट, दवा, खान पान आदि के बारे में पूछा तो सौरभ सिंह ने बताया कि आपरेशन के लिए पैसा लिया गया है और दवाएं भी बाहर से मंगाई गई हैं। भोजन भी नियमित रूप से नहीं मिल रहा है। मरीजों ने यह भी बताया कि दूध नहीं मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं को उपलब्ध नहीं कराए जाने से स्पष्ट होता है कि अस्पताल स्टाफ अपने दायित्वों के प्रति पूरी तरह सजग नहीं है। उन्होंने सीएमओ को इसकी जांचकर तीन दिन में आख्या देने का निर्देश दिया। इमरजेंसी वार्ड की इंचार्ज नर्स इसरावती को भी कार्यों में सुधार लाने की हिदायत दी। थाना मुबारकपुर के ग्राम इब्राहीमपुर निवासी आफताब आलम ने बताया कि गोकशी के आरोप में उसे मारा पीटा गया। उसने मुबारकपुर थाने में तहरीर दी लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई। उन्होंने तत्काल थानाध्यक्ष मुबाकरपुर से वार्ता किया तो पता चला कि एफआईआर दर्ज है लेकिन गिरफ्तारी नहीं हुई है। अस्पताल परिसर में उपस्थित लोगों द्वारा पोस्टमार्टम हाउस का फ्रीजर खराब होने, गंदगी होने तथा कई जांच मशीनों की अनुपलब्धता के संबंध में अवगत कराया। मंडलायुक्त ने इसके जांच की जिम्मेदारी एसआईसी को सौंपते हुए तीन दिन में रिपोर्ट मांगी। इस मौके पर एसआईसी डा. एसकेजी सिंह, सीएमओ डा. एके मिश्र, नेत्र सर्जन डा. ओम प्रकाश आदि उपस्थित थे।
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