दी किसान सहकारी मिल धीरे-धीरे ही सही अपने पूरे शबाब पर आती जा रही है। चीनी मिल से पैदा हो रही बिजली की सप्लाई जहां मिल के बाहरी क्षेत्र में शुरू हो गई है। वहीं, मिल में बनने वाली चीनी पैंकिंग का कार्य भी गुरुवार की देर शाम से शुरू हो गया।
22 मार्च को उद्घाटन के बाद चीनी मिल में आ रही तकनीकी खराबियों ने जहां मिल प्रबंधन के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी थी। चीनी मिल अब 26500 कुंतल गन्ने की पेराई कर चुकी है। गुरुवार से ही मिल खुद की पैदा की गई बिजली से संचालित हो रही है।
वहीं गुरुवार से मुहम्म्दाबाद ग्रिड को भी बिजली की सप्लाई शुरू कर दी गई। कार्यदायी संस्था के साइट इंचार्ज सुरेश सिंह चौहान ने बताया कि रात में बगास के एकत्र होने के कारण मिल एक घंटे तक बंद रही।
चीनी मिल में को-जनरेश प्लांट के माध्यम से 15 मेगावाट बिजली पैदा की जा रही है, जिसमें से 5 मेगावाट चीनी मिल के उपयोग में लाया जा रहा है। शेष 10 मेगावाट बिजली मऊ जनपद के मुहम्मदाबाद गोहना ग्रिड को सप्लाई दी जा रही है। गुरुवार की देर शाम से बोरियों में चीनी की पैंकिंग भी शुरू हो जाएगी।