बेलगाम हो चुकी पुलिस के शिकार अब सत्ताधारी दल के लोग भी होने लगे है। बृहस्पतिवार की शाम मनोनीत एमएलसी रामसूरत राजभर के पुत्र को दो पुलिस कर्मियों ने माहुल बाजार के पास पीट दिया। जिसकी शिकायत पीड़ित ने थाना प्रभारी से लेकर कप्तान तक किया है।
नव मनोनित एमएलसी रामसूरत राजभर के छोटे पुत्र शगुन राजभर को बृहस्पतिवार की शाम माहुल बाजार के पास दो पुलिस कर्मियों ने पीट दिया। शगुन के बड़े भाई संदीप राजभर ने बताया कि बृहस्पतिवार की शाम शगुन अपनी बहन को दवा दिलाने के लिए बाइक से माहुल बाजार जा रहा था। इसी दौरान माहुल चौकी पर तैनात दो पुलिस कर्मी भी बाइक से उसके पीछे चल रहे थे। पुलिस कर्मियों ने हार्न दिया तो शगुन ने बाइक रोक दिया। इसके बाद पुलिस कर्मियों ने भी अपनी बाइक रोक कर शगुन पर जातिसूचक गालियां देते हुए हमला बोल दिया और कई थप्पड़ रसीद कर दिए। पीड़ित ने घटना के बाबत अहरौला थाने पर दो सिपाहियों ऋषिकेश यादव व अक्षय कन्नौजिया के खिलाफ तहरीर दिया। इसके साथ ही घटना की कप्तान से भी शिकायत किया है। पीड़ित दोनों पुलिस कर्मियों के खिलाफ बिना किसी कारण के मारने पीटने का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। इस घटना से यह पता चलता है कि पुलिस कितनी बेलगाम हो चुकी है। जब सत्ताधारी दल के एमएलसी के पुत्र को पुलिस बिना कारण पीट सकती है तो आम जनता के साथ क्या करती होगी यह आसानी से समझा जा सकता है।