फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

35 वर्ष बाद लापता रामअवध का चला पता, परिजन हुए गदगद

विज्ञापन
विज्ञापन
लाटघाट। रौनापार थाना क्षेत्र के रहने वाले रामअवध 35 साल पूर्व लापता हो गए थे। इतना ही नहीं सरकारी रिकार्ड में वे मृत भी घोषित हो चुके हैं। लेकिन इतने लंबे अंतराल के बाद उनके अहमदाबाद के एक वृद्धाश्रम में होने की सूचना मिली है। ये खबर पाकर परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई।
विज्ञापन

रौनापार के शंकरपुर बेलकुंडा गांव निवासी रामअवध करीब 35 साल पूर्व अपने बड़े भाई ढूंढई के साथ इलाज कराने के लिए आगरा गए थे। आगरा से ही वे लापता हो गए थे। परिजनों ने उनकी अपने स्तर से काफी खोजबीन की लेकिन कुछ भी पता नहीं चला। कई सालों तक खोजबीन के बाद भी कुछ पता न चलने पर सरकारी रिकार्ड में भी उन्हें मृत घोषित करा दिया गया। रामअवध चार भाई थे। बड़े भाई ढूढई यादव के अलावा रामजीत व चंद्रजीत शामिल है। इसमें रामअवध व रामजीत का परिवार नहीं है और दोनों ही सरकारी रिकार्ड में मृत हो चुके है।
अहमदाबाद स्थित वृद्धाश्रम की प्रभारी ऋतु वर्मा ने एसओ रौनापार को फोन कर अपने यहां रह रहे एक वृद्ध के बारे में बताया। जिसका नाम उन्होंने रामप्रीत और पता शंकरपुर बताया। यह भी जानकारी दी कि 30-35 सालों से वह वृद्धाश्रम में रह रहे है। इस पर एसओ नवल किशोर ने शंकरपुर गांव में वृद्धाश्रम से आई फोटो व नाम के साथ पुलिस को भेजा। जहां ढूढई व चंद्रजीत ने पुलिस कर्मियों को बताया कि फोटो उनके भाई रामअवध की है। दोनों भाई जल्द अहमदाबाद जाने की योजना बना रहे है। चंद्रजीत ने कहा कि हम अपने भाई को वृद्धाआश्रम से लाकर घर पर रखेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें