इसके बाद परिजन आरोपी के घर शिकायत लेकर गए तो घर वालों ने धमका कर भगा दिया। रात साढ़े दस बजे पीड़िता का भाई थाने पर शिकायत लेकर पहुंचा। भाई के अनुसार, थाने पर भी कोई सुनवाई नहीं हुई और मौके पर मौजूद चार पुलिस कर्मियों ने उससे सुबह नौ बजे शिकायत लेकर आने को कहा। घर लौट कर भाई ने परिजनों को पूरी बात बताई। फिर सभी खाना खाने के बाद सोने चले गए।
तड़के तीन बजे किशोरी की मां उठी तो बेटी को पानी देने के लिए जगाने उसके कमरे में गई। कई आवाज देने पर भी कोई आहट नहीं मिली। जिस पर दरवाजा तोड़ा गया तो किशोरी साड़ी के सहारे छत के चुल्ले से लटकी मिली। भाई ने तत्काल पुलिस यूपी 112 पर सूचना दी जिस पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
एसपी अनुराग आर्य ने बताया कि घटना की जानकारी होते ही तहरीर के आधार पर पाक्सो एक्ट में अभियुक्त आदर्श निषाद व नागेन्द्र निषाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इस मामले में थानाध्यक्ष की रिपोर्ट से यह पता चला कि परिजन रात 10:30 बजे थाने पर आए थे। उस समय थाने पर सिपाही राहुल कुमार तैनात था। सिपाही ने महिला संबंधित अपराध की जानकारी होने के बाद भी परिजनों से न तो कोई लिखित तहरीर ली न ही थानाध्यक्ष को ही इसकी जानकारी दी। थानाध्यक्ष उस समय मोहर्रम की ड्यूटी में तैनात थे।
उनकी रिपोर्ट के आधार पर सिपाही राहुल को निलंबित करते हुए थानाध्यक्ष कप्तानगंज को निर्देशित किया गया है कि सिपाही राहुल कुमार के खिलाफ महिला संबंधी अपराध में दायित्वों का निर्वहन न करने के आरोप में एफआईआर पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही सुनिश्चित करे। पुलिस दूसरे नामजद की तलाश में दबिश दे रही है। एसपी ने बताया कि इस मामले में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।