क्षेत्र के तेरही गांव में बुधवार को माइनर का तटबंध टूटने से कई किसानों की खेत में काटकर रखी धान की फसल पानी में डूबकर बर्बाद हो गई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना नहर विभाग को दी।
लेकिन मौके पर कोई नहीं पहुंचा। बाद में किसी तरह ग्रामीणों ने माइनर को बांधा। विभाग की उदासीनता से लोगों में गुस्सा है।
तेरही गांव से शारदा सहायक खंड-32 की माइरन गुजरी है। गत दिनों माइनर में रिसाव को देखते हुए ग्रामीणों ने पटरा आदि लगाकर पानी के रिसाव को रोका था।
बुधवार की रात उक्त स्थान पर लगे पटरे आदि निकल गए। जिससे गांव के रविंद्र चौबे की 35 बिस्वा खेत की काट कर रखी धान की फसल पानी में डूब गई।
वहीं हरिहर नाथ चौबे की सरसों, चिंता पांडेय की एक बिघा की धान की फसल नष्ट हो गई। गांव के रामनयन राम, दिलीप, लालदेव राम, चंद्रदेव, पप्पू ने कहा कि इस संबंध में नहर विभाग को सूचना दी गई।
लेकिन विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने किसी तरह पटरा, मिट्टी आदि लगाकर माइनर को बांधा। ग्रामीणों ने डीएम से मुआवजा दिलाने की मांग की।