साइकल चलाते माध्यमिक शिक्षामंत्री बलराम यादव।
जिले के कद्दावर नेताओं में शुमार और मुलायम के करीबी माने जाने वाले बलराम यादव को माध्यमिक शिक्षा मंत्री को पद से बर्खास्त होने के बाद मची सियासी हलचल थम गई है। लखनऊ में सपा की संसदीय समिति की शनिवार को हुई बैठक में कौमी एकता दल का सपा में विलय खारिज कर दिया गया। साथ ही बलराम यादव को फिर मंत्री बनाने की बात तय हुई। इसकी जानकारी होने पर सपा कार्यकर्ता खुशी से झूम उठे और कचहरी के पास मिठाई बांटा।
कौमी एकता दल का सपा में विलय और मुख्तार अंसारी को पार्टी से जोड़ने की पैरवी करने के आरोप में 21 जून को मुख्यमंत्री ने माध्यमिक शिक्षामंत्री बलराम यादव को मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया था। इसके बाद बलराम यादव के समर्थक निराश हो गए थे। माना जा रहा था कि बलराम यादव की बर्खास्तगी का आगामी विधानसभा चुनाव में बुरा असर पड़ेगा। वहीं शिक्षक संगठन के नेताओं ने भी उनकी बर्खास्तगी को वापस लेने की मांग की थी।
सपा के कुछ नेताओं का कहना था कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कौएद का सपा में विलय से बेहद नाराज थे। सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने कहा कि संसदीय बोर्ड का निर्णय पार्टी हित में है। इससे आम लोग खुश हैं। कार्यकर्ताओं ने कचहरी चौहारे पर मिठाई बांटकर खुशी जाहिर की। पार्टी के नेताओं ने कहा कि बलराम को बहाल करने से जिले के विकास को गति मिलेगी। मौके पर रामबचन यादव, उमेशचंद्र यादव, अरविंद यादव, प्रहलाद यादव, छोटेलाल, सूबेदार मौर्य, रविंद्र मौजूद रहे।