बिजहर गांव में मजलिस को खिताब करते मौला नावेद आब्दी। संवाद
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मेजवां। फूलपुर क्षेत्र के बिजहर गांव में रविवार को आयोजित मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना नावेद आब्दी ने कहा कि अमेरिका कभी किसी का हिमायती नहीं रहा। उन्होंने कहा कि ईरान हमेशा लोगों का हिमायती रहा है।
मौलाना ने कहा कि किसी की पोशाक पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। इससे फसाद पैदा हो सकता है। ऐसी पोशाक पहननी चाहिए, जिस पर किसी को एतराज न हो। उन्होंने हजरत अली को मेहनतकशों का मौला बताते हुए कहा कि इंसान को पहले मेहनत करनी चाहिए, इसके बाद दुआ मांगनी चाहिए। मेहनत और दुआ से ही रिज्क हासिल होता है। उन्होंने पिता की अहमियत बताते हुए कहा कि जिसका पिता दुनिया से चला गया, वही उसके दर्द को समझ सकता है। बेटियां पिता के बेहद करीब होती हैं। बड़ी बहन का चेहरा भले ही बहन का हो, लेकिन उसका दिल मां के समान होता है। मजलिस के दौरान मुल्क में अमन-चैन की दुआ की गई। इमाम हुसैन और जनाबे सकीना के मसाएब पढ़े जाने पर लोग भावुक हो गए। इस मौके पर मौलाना हुसैन हैदर वकार, नजफ अब्बास, इतफाल हुसैन, पेशकार तौकीर हुसैन, इरफान हुसैन, नजफी, शाहिद और कल्बे हैदर आदि मौजूद रहे।