एनटीजी की सख्ती के बाद भी जिले में अस्तपालों की ओर से चिकित्सकीय कचरे का निपटारा ठीक ढंग से नहीं किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते संचालक बवाली मोड़ से करतालपुर जाने वाले बाईपास बंधा पर जगह-जगह इन कचरों को फेंकवा रहे हैंं। ऐसे में बरसात के दौरान संक्रमण फैलने का खतरा पैदा हो गया है। कचरे में पड़ी सिरिंज की सूई के चलते वाहन पंचर हो रहे हैं और लोगों को इसके चुभने का खतरा भी बढ़ गया है।
बवाली मोड़-करतालपुर बाईपास बंधा की दशा हमेशा से ही खराब रही है। जीवनदायिनी कहे जाने वाली तमसा के किनारे स्थित इस बंधे के आसपास शहर का कूड़ा तो कभी प्राइवेट अस्पतालों के चिकित्सकी कचरों को फेंका जा रहा है। वर्तमान में बंधा किनारे कई जगहों पर भारी मात्रा में यह कचरा फेंका गया है। राहगीर इस कचरे के चलते परेशान हो रहे है। इसमें शामिल प्रयोग की हुई सिरिंज की सूई वाहनों के टायरों में घुस कर उसे पंचर कर रही है तो वहीं वर्तमान बरसात के मौसम में खून से सनी पट्टियां व अन्य कचरे संक्रमण फैलाने के कारण बन रहे हैं।
इन कचरों के निपटारे की जिम्मेदारी किसकी है यह भी जिम्मेदार स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं। कायदे से तो स्वास्थ्य विभाग की यह जिम्मेदारी बनती है कि कहीं भी चिकित्सकीय कचरे का निपटारा गलत तरीके से न होने पाए। निस्तारण गलत ढंग से न होने पाए।
सीएमओ डॉ. आईएन तिवारी ने बताया कि चिकित्सकीय कचरे को फेके जाने पर लगाम लगाना ड्रग विभाग की जिम्मेदारी है। जबकि ड्रग इंस्पेक्टर सीमा वर्मा ने कहा कि यह स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है। यदि दवा फेंकी मिलती है तो निश्चित तौर पर हम देखते पर कचरा अस्पताल फेंकते है, जिस पर लगाम लगाने की जिम्मेदाररी स्वास्थ्य विभाग की होती है।