रशीदगंज बाजार स्थित हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक जिंदा मदार शाह बाबा, हजरत अंजान शहीद के सालाना उर्स पर अकीदत मंदों ने बुधवार को चादर चढ़ाकर मन्नतें मांगीं। इसी क्रम मेंराजेपट्टी गांव में ईद मिलादुन्नबी जलसे का भी आयोजन किया गया।
बुधवार सुबह कुरआन ख्वानी के बाद मेंराजेपट्टी गांव से गागर चादर का जुलूस निकाला गया जो ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण करते हुए रशीदगंज स्थित मजार तक गया। जहां गद्दीनशीन मुस्ताक अहमद शाह बाबा ने दोनों मजारों पर चादरपोशी की। इस मौके पर अकीदतमंदों का हुजूम उमड़ पड़ा।
लोगों ने आस्ताने पर फातिहा पढ़ा और दुआ मांगी। मौलाना एखलाक अहमर ने दोनों शहीदों के बारे में बताया कि इस मजार पर आने वालों की सभी मुश्किलें आसान हो जाती हैं। मन्नतें पूरी होने पर लोग मजार पर चादर चढ़ाते हैं। इस दौरान मजार के आसपास काफी दूकानें लगी थीं।
लोगों ने मजार पर जहां कव्वाली का लुत्फ उठाया, वहीं राजेपट्टी में आयोजित ईद मिलादुन्नबी जलसे में नातिया शायरों के कलाम के जरिये हजरते रसूल के वाकयात को सुनाया और उससे नसीहत हासिल करने को कहा। जलसे में नातिया शायर मोहम्मद शाकिर जीयनपुरी, गयासुद्दीन मुबारकपुरी, निजामुद्दीन इब्राहिमपुरी आदि ने कलाम पेश किया।
इस मौके पर निशार अहमद, सेराज अहमद, इम्तेयाज, एहसान, रिजवान, श्रीराम सोनी, फिरतू यादव, जर्नादन यादव, महेंद्र प्रधान, रामचंद्र चौरसिया आदि उपस्थित रहे।