लालगंज। देवगांव कोतवाली क्षेत्र के घोड़सहना गांव स्थित मायके आई एक विवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसने कमरे में पंखे के हुक से दुपट्टे के सहारे फांसी का फंदा लगाया। घटना की जानकारी होने पर परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची देवगांव कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेज दिया। कुछ दिनों पूर्व ही वह मायके आई थी।
घोड़सहना गांव निवासी लाल बहादुर यादव ने अपनी 22 वर्षीया पुत्री सरोजा देवी का विवाह 11 मई 2018 को जौनपुर के केराकत थाना अंतर्गत बसगित गांव निवासी शिवकुमार से किया था। पति वर्तमान में मुंबई में है। कुछ दिनों पूर्व ही सरोजा ससुराल से मायके आई थी। सोमवार की रात खाना खाने के बाद सोने चली गई। मंगलवार की सुबह जब वह देर तक सो कर नहीं उठी तो परिजन उसे जगाने के लिए पहुंचे। अंदर से कमरा बंद था कई बार आवाज देने पर भी अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। परिजनों ने किसी तरह अंदर झांक कर देखा तो वह पंखे से दुपट्टे के सहारे लटक रही थी। घटना की जानकारी होते ही परिजनों के होश उड़ गए। आनन-फानन में परिजनों ने घटना की सूचना देवगांव कोतवाली पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेज दिया। मायके वालों के अनुसार ससुराल में उसे शादी के बाद से ही दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। इसी से क्षुब्ध होकर उसने फांसी लगा कर आत्महत्या की है।