काजल का आरोप है कि इस बीच ससुराल वालों की तरफ से दहेज के नाम पर मुझे प्रताड़ित किया जाने लगा। ताना दिया जाने लगा कि हमारा लड़का दरोगा है लेकिन दहेज बहुत कम मिला है।
कुछ दिन बाद प्रदीप काजल से बोला कि मेरा प्रमोशन उप निरीक्षक के पद पर हो गया है, मुझे एक लाख रुपये मेडिकल में देना है, अपने घर से मंगा लो। काजल ने एक लाख रुपये अपने मायके से मंगाकर अपने पति प्रदीप यादव को दे दिया और फिर प्रदीप ने काजल से कहा कि मैं ट्रेनिंग पर जा रहा हूं, मुझे फोन मत करना। जब जरूरत होगी तो मैं फोन कर लूंगा।
इन सारी गतिविधियों की जानकारी काजल ने अपने मां और पिता को दी। काजल 26 अगस्त को प्रयागराज के दारागंज बताए गए पोस्टिंग स्थल पर पिता के साथ पहुंचकर पति प्रदीप को फोन किया तो प्रदीप ने आजमगढ़ में अपने होने की बात कही। दारागंज पुलिस स्टेशन पर काजल ने जानकारी की तो वहां कोई इस नाम का दरोगा या पुलिस पोस्ट ही नहीं बताया गया। परिजन 27 अगस्त को प्रयागराज पुलिस लाइन पहुंचे और ऑफिशियल स्तर से इसकी जानकारी मांगी लेकिन, इस नाम और पता का कोई भी उप निरीक्षक नहीं मिला।
काजल ने निजामाबाद थाने पर पहुंचकर चार सितंबर को अपने पति प्रदीप यादव सहित ससुर, सास और ननद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराया। साथ ही पति को फर्जी पुलिस इंस्पेक्टर और फर्जी गतिविधियों में लिप्त रहने की तहरीर दी।
मड़ना गांव निवासी फर्जी दरोगा बनकर शादी करने और पत्नी को झांसा देने के मामले में पत्नी ने अपने स्थानीय थाना निजामाबाद में प्रथमिकी दर्ज कराया था, जिसमें नोटिस का तामिला करने निजामाबाद पुलिस यहां आई थी और थाने के सहयोग से परिजनों को नोटिस दिया गया है। - प्रदीप कुमार, थानाध्यक्ष अहरौला।