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जनपद में अब तक नहीं हो सका जर्जर भवनों का चिन्हांकन

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आजमगढ़। बरसात के मौसम में अक्सर जर्जर भवनों के गिरने से हादसे की सूचना मिलती है। नगर क्षेत्र में भी सड़कों के किनारे ऐसे बहुत से बहुमंजिला भवन मुंह बाए खड़े हैं। जो बरसात के मौसम में कभी हादसे का सबब बन सकते हैं। वहीं नगर पालिका अब तक इन भवनों का चिन्हांकन नहीं करा सही है। लेकिन उसकी ओर से कमेटी का गठन कर दिया गया है।
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बरसात का मौसम शुरू हो गया है लेकिन अभी तक नगर क्षेत्र के जर्जर भवनों का चिन्हांकन नगरपालिका नहीं कर सकी है। शासन ने जर्जर भवनों को ढ़हाने का निर्देश दिया है इसके बाद भी अब तक नगर पालिका के पास जर्जर भवनों की सूची नहीं उपलब्ध है। नगर क्षेत्र के कई ऐसे इलाके हैँ जहां जर्जर भवन मुंह बाए हादसे को दावत दे रहे हैं। पुरानी कोतवाली, दलालघाट मोड़, आसिफगंज व मुख्य चौक के पास जर्जर भवन हैं। आए दिन उक्त जर्जर भवनों से मलबा टूटकर गिरता रहता है। यहां लोगों को बारिश के दिनों में तो हादसा होने का खासा डर बना रहता है। पुरानी जेल के जर्जर भवनों को भी ढ़हाया नहीं गया है। इन जर्जर भवनों के नीचे किसी ने दुकान खोल रखी है तो कोई जर्जर हिस्से को ढ़ककर उसमें रह रहा है। नगर पालिका की ओर से अब तक सिर्फ कमेटी बनाई गई है जो इन भवनों का चिन्हांकन करेगी। इसके बाद भवन स्वामियों को नोटिस जारी कर उन्हें जर्जर भवनों को ढ़हाने का निर्देश दिया जाएगा।
नियमानुसार नगर पालिका सर्वे कराकर अपनी सीमा में स्थित जर्जर व खतरनाक भवनों को चिह्नित कर उन्हें जमींदोज कराने के लिए भवन स्वामी को नोटिस दे सकता है। नोटिस देने के बाद भी भवन स्वामी स्वेच्छा से निर्माण नहीं ढ़हाता है तो पालिका प्रशासन उसे गिराकर खर्च वसूल करेगा। अगर भवन स्वामी नए मकान निर्माण में सक्षम नहीं है तो अब पीएम आवास योजना के तहत शहरी क्षेत्र में जमीन होने पर नए निर्माण के लिए अनुदान भी सरकार की ओर से दिया जा रहा है। नगर पालिका के इओ मनोज कुमार ने बताया कि बरसात से पहले जर्जर भवनों के चिन्हांकन का कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है। कमेटी द्वारा चिन्हांकन करने के बाद जो रिपोर्ट दी जाएगी उसके आधार पर भवन स्वामियों को नोटिस जारी की जाएगी। जिसमें उनसे खुद भवन को ढ़हाने का निर्देश दिया जाएगा। अगर वह नहीं हटाते हैं नपा उन भवनों को ढहाकर उनसे खर्च वसूलेगी।
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