लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल में घाघरा फिर से रौद्र रूप धारण करती जा रही है। क्षेत्र के कई गांवों का एक दूसरे से संपर्क टूट गया है। देवारा क्षेत्र के चक्की से बेलहिया तक 38 से ज्यादा गांव घाघरा के बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए एसडीएम सगड़ी राजीव रतन सिंह ने बुधवार को बाढ़ क्षेत्र का दौरा किया। मातहतों को लोगों की सहायता के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
घाघरा नदी के बदरहुंआ गेज पर मंगलवार को जलस्तर 72.50 मीटर दर्ज किया गया था जो बुधवार को 08 सेमी बढ़कर 72.58 मीटर हो गया है। वहीं डिघिया नाले पर मंगलवार को जलस्तर 71.67 मीटर था जो बुधवार को 06 सेमी बढ़कर 71.73 मीटर हो गया है। नदी बदरहुंआ गेज पर लाल निशान से 90 सेमी तो डिघिया गेज पर 1.33 मीटर ऊपर बह रही है। अगले 24 घंटे में जलस्तर में वृद्धि की आशंका है।
बुधवार को भी घाघरा में गिरजा, शारदा और सरयू से बैराज से कुल 2,91,225 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। देवारा क्षेत्र के चक्की से बेलहिया तक घाघरा कहर ढा रही है। साठ से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ से चक्की, देवारा खास राजा, बांका, बूढ़न पट्टी, अभनपट्टी, मानिकपुर, अजगरा, आराजी अजगरा, अजगरा मगर्वी, शाहडीह, सोनौरा समेत कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है।
कई जगहों पर तीन फीट से अधिक लग गया है। बुधवार सुबह तक इन सभी गांवों का दूसरी जगहों से संपर्क कट गया। ग्रामीणों के घरों में पानी घुस गया है और हाजीपुर का रपटा पुल पूरी तरह से पानी में डूब गया है।
100 नावों का शुरू हुआ संचालन
लाटघाट। घाघरा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बुधवार को 100 नावों का संचालन शुरू कर दिया गया। उपजिलाधिकारी सगड़ी राजीव रतन सिंह, उप जिलाधिकारी न्यायिक सगड़ी प्रेमचंद मौर्य ने बाढ़ क्षेत्र का दौरा किया और लोगों को कहा कि किसी भी प्रकार की कोई समस्या हो तुरंत अवगत कराएं। बाढ़ से प्रभावित ग्रामीणों को किरासिन मुहैया कराया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर नावों की संख्या और बढ़ा दी जाएगी। एसडीएम ने बताया कि 38 से ज्यादा गांवों की 12000 की आबादी बाढ़ से प्रभावित है। 100 नाव चलाई जा रही हैं।