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आजमगढ़ में पहले भी जहरीली शराब से कई लोग गंवा चुके हैं जान, बड़ी घटनाओं के बाद भी पुलिस नहीं लेती सीख

Tue, 11 May 2021 11:34 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़

सार

जहरीली शराब के कारण उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर और आजमगढ़ में कोहराम मचा है. दोनों जिलों में अबतक कुल 22 लोगों की मौत हो गई है वहीं कई की हालत गंभीर है। यह पहला मौका नहीं है जब आजमगढ़ में जहरीली शराब  के कारण लोगों की मौत हुई हो।
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आजमगढ़-अंबेडकर नगर में जहरीली शराब पीने से 22 ने गंवाई जान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश में जहरीली शराब के कारण आंबेडकर नगर और आजमगढ़ में कोहराम मचा है. दोनों जिलों में अबतक कुल 22 लोगों की मौत हो गई है वहीं कई की हालत गंभीर है। यह पहला मौका नहीं है जब आजमगढ़ में जहरीली शराब  के कारण लोगों की मौत हुई हो। जहरीली शराब का धंधा आजमगढ़ में लंबे अर्से से हो रहा है। कई बार इससे लोगों की जान जा चुकी है लेकिन पुलिस इस पर अंकुश नहीं लगा सकी है।

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मुबारकपुर, जीयनपुर और रौनापार में जहरीली शराब से 100 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। कोरोना कर्फ्यू में इस तरह की शराब की बिक्री से पुलिस की कार्यशैली पर पर सवाल उठने लगे हैं।

जिले में अवैध शराब का धंधा लंबे समय से फलफूल रहा है। इसमें पुलिस की मिलीभगत भी सामने आती रही है। अवैध शराब के कारोबारी कभी-कभी जहरीली शराब की आपूर्ति भी कर देते हैं, जिससे लोगों की मौत हो जाती है या लोगों की आंखों की रोशनी चली जाती है।
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दो-चार मौत हो तो उसे पुलिस दबा देती है लेकिन जब मौत का आंकड़ा बढ़ता है तो वह हरकत में आती है। हालांकि मामला ठंडा पड़ने के बाद यह धंधा फिर शुरू हो जाता है। वर्ष 2002 में इरनी में जहरीली शराब से 11 लोगों की मौत हो गई थी और कई लोगों को आंखों की रोशनी गंवानी पड़ी थी।

वर्ष 2013 के अक्तूबर में मुबारकपुर क्षेत्र में 53 लोगों की जहरीली शराब पीने से मौत हुई थी। मुबारकपुर के आदमपुर, अतरडीहा, डीह, ओझौली, अमिलो, प्यारेपुर , चकिया, सईदनगर समेत दर्जन भर गांवों के लोग इसकी चपेट में आए थे। कई जगहों पर खेतों में छिपाकर जहरीली शराब रखी गई थी। इस मामले में 20 छोटे-बड़े कारोबारियों को गिरफ्तार किया गया था।

इसके बाद वर्ष 2017 में देवारा क्षेत्र में जहरीली शराब का मामला सामने आया। जीयनपुर कोतवाली व रौनापार थाना क्षेत्र में हुए इस कांड में भी 36 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। दो चार लोगों की शराब से मौत जिले के लिए आम बात है। हर माह कहीं न कहीं अवैध शराब को पीने से दो-चार लोगों की मौत होती रहती है। इन तीन बड़ी घटनाओं के बाद भी पुलिस ने सीख नहीं ली। इस घटना में भी मौतों का आंकड़ा बढ़ सकता है।

मुख्य आरोपी सुरेंद्र पर लगा था गैंगेस्टर

जुलाई 2017 में देवरांचल के जीयनपुर व रौनापार थाना क्षेत्र में हुए शराब कांड के मुख्य अभियुक्त के रूप में जहानागंज क्षेत्र के रहने वाले बड़े अवैध शराब कारोबारी मुलायम यादव उर्फ सुरेंद्र यादव की पहचान पुलिस ने की थी। मुबारकपुर कांड में भी इसका बड़ा हाथ था लेकिन गिरफ्तारी नहीं हुई थी।

देवरांचल में हुए अवैध शराब कांड के बाद पुलिस ने इस पर व इसके साथियों पर पांच-पांच हजार का इनाम घोषित किया और 17 जुलाई 2017 को पुलिस ने इसे गिरफ्तार करने के साथ ही गैंगेस्टर के तहत संपत्ति सीज करने की भी कार्रवाई की थी।
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फरिहां में सिपाही बेचवा रहा था शराब

अभी कुछ दिनों पूर्व निजामाबाद थाना क्षेत्र के फरिहां बाजार में कोरोना कर्फ्यू के दौरान पर चौकी पर तैनात एक सिपाही कार में बैठकर शराब की दुकान से बिक्री करवा रहा था। इसकी फोटो सहित खबर प्रकाशित होने पर एसपी ने उसे निलंबित कर दिया था। पवई इलाके में अवैध शराब की बिक्री में भी पवई थाने के एक सिपाही का नाम सामने आ रहा है। उसकी की शह पर अवैध शराब का कारोबार मित्तूपुर बाजार में चल रहा था और इसके एवज में कारोबारी से रोजाना एक हजार रुपये लिए जाते थे।
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