वर्ष 2013 के अक्तूबर में मुबारकपुर क्षेत्र में 53 लोगों की जहरीली शराब पीने से मौत हुई थी। मुबारकपुर के आदमपुर, अतरडीहा, डीह, ओझौली, अमिलो, प्यारेपुर , चकिया, सईदनगर समेत दर्जन भर गांवों के लोग इसकी चपेट में आए थे। कई जगहों पर खेतों में छिपाकर जहरीली शराब रखी गई थी। इस मामले में 20 छोटे-बड़े कारोबारियों को गिरफ्तार किया गया था।
इसके बाद वर्ष 2017 में देवारा क्षेत्र में जहरीली शराब का मामला सामने आया। जीयनपुर कोतवाली व रौनापार थाना क्षेत्र में हुए इस कांड में भी 36 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। दो चार लोगों की शराब से मौत जिले के लिए आम बात है। हर माह कहीं न कहीं अवैध शराब को पीने से दो-चार लोगों की मौत होती रहती है। इन तीन बड़ी घटनाओं के बाद भी पुलिस ने सीख नहीं ली। इस घटना में भी मौतों का आंकड़ा बढ़ सकता है।
जुलाई 2017 में देवरांचल के जीयनपुर व रौनापार थाना क्षेत्र में हुए शराब कांड के मुख्य अभियुक्त के रूप में जहानागंज क्षेत्र के रहने वाले बड़े अवैध शराब कारोबारी मुलायम यादव उर्फ सुरेंद्र यादव की पहचान पुलिस ने की थी। मुबारकपुर कांड में भी इसका बड़ा हाथ था लेकिन गिरफ्तारी नहीं हुई थी।
देवरांचल में हुए अवैध शराब कांड के बाद पुलिस ने इस पर व इसके साथियों पर पांच-पांच हजार का इनाम घोषित किया और 17 जुलाई 2017 को पुलिस ने इसे गिरफ्तार करने के साथ ही गैंगेस्टर के तहत संपत्ति सीज करने की भी कार्रवाई की थी।
अभी कुछ दिनों पूर्व निजामाबाद थाना क्षेत्र के फरिहां बाजार में कोरोना कर्फ्यू के दौरान पर चौकी पर तैनात एक सिपाही कार में बैठकर शराब की दुकान से बिक्री करवा रहा था। इसकी फोटो सहित खबर प्रकाशित होने पर एसपी ने उसे निलंबित कर दिया था। पवई इलाके में अवैध शराब की बिक्री में भी पवई थाने के एक सिपाही का नाम सामने आ रहा है। उसकी की शह पर अवैध शराब का कारोबार मित्तूपुर बाजार में चल रहा था और इसके एवज में कारोबारी से रोजाना एक हजार रुपये लिए जाते थे।