रानी की सराय थाना क्षेत्र में बच्चे का हत्यारोपी पुलिस मुठभेड़ में घायल।
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मासूम की हत्या करने के लिए आरोपी मनीष ने 11 वर्ष तक इंतजार किया। वह अपने नाना की हत्या का बदला लेना चाहता था। वाट्सएप के माध्यम से मासूम के पिता से उसने पैसे की मांग की। इसी आधार पर वह गिरफ्तार कर लिया गया।
एसपी अनुराग आर्य ने बताया कि मनीष पुत्र रामनिवास नेवासे पर जगरनाथ सराय में रहता था। 2011 में गांव में मासूम के पिता अवधेश के परिवार व हत्यारोपी मनीष के नाना के परिवार के बीच किसी बात को लेकर मारपीट हुई थी। मारपीट की इस घटना में मनीष के नाना नखरू गंभीर रूप से घायल हो गए थे और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। मनीष ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि नाना की हत्या के बाद से ही वह बदला लेने की फिराक में था लेकिन मौका नहीं मिल रहा था। 2011 में हुई हत्या के 11 साल बाद उसे मौका मिला और उसने बदला ले लिया। मासूम पांच वर्षीय कुनाल कुमार शुक्रवार की शाम साढ़े चार बजे गायब हुआ था। इसके बाद परिजन अपने स्तर से उसकी खोजबीन में जुट गए। न मिलने पर शुक्रवार की देर शाम ही परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज करा दी। इसी बीच एक अज्ञात नंबर से अवधेश के मोबाइल पर वाट्सएप के माध्यम से पैसों की मांग आ गई। जिसे उसने शनिवार की सुबह ही पुलिस को बता दिया। पुलिस अपने स्तर से जांच पड़ताल शुरू किया तो पैसों की मां के आधार पर ही मनीष का नाम प्रकाश में आ गया और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कड़ाई से पूछताछ किया तो सारा मामला खुल कर सामने आ गया।
मासूम के परिजनों में मचा कोहराम
आजमगढ़। शुक्रवार की शाम से लापता मासूम कुनाल का रविवार की सुबह पड़ोसी के घर से शव बरामद होते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मासूम की गला घोंट कर हत्या की गई थी और रूई के बोरे में भर कर उसे हत्यारे मनीष ने अपने घर में ही छिपा कर रखा था। मृत मासूम दो भाई व एक बहन में सबसे बड़ा था। मां-बाप के साथ ही पूरे परिवार का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है। वहीं मासूम की हत्या के बाद गांव में भी सन्नाटा पसर गया है। शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का अवधेश के घर पर रेला उमड़ा हुआ है।