आजमगढ़। धान खरीद में लापरवाही पर उपनिदेशक मंडी पर निलंबन की कार्रवाई से ही मंडी परिषद विभाग हिल गया है। शासन से की गई कार्रवाई के एक दिन बाद मंडी सचिव बलिया से चार्ज छीन कर उनके स्थान पर आजमगढ़ मंडी सचिव को वहां का भी चार्ज दे दिया गया।
प्रदेश में एक नंवबर से धान खरीद शुरू से पहले खरीद से संबंधित सभी विभागीय अधिकारियों को केंद्र से संबंधित अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मंडी परिषद को धान खरीद के लिए खोले गए क्रय केंद्रों पर नमी मापक यंत्र, तौल कांटा, झरना, पंखा, बोर्ड-बैनर आदि उपलब्ध कराने के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
शासन की ओर से कई बार विडियो कांफ्रेंसिंग कर संबंधित अधिकारियों को समय पर व्यवस्थाएं पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद भी मंडी परिषद अपनी जिम्मेदारियों का पूर्ण नहीं कर सका। बलिया के डीएम ने 30 नमी मापक यंत्र उपलब्ध न कराने के लिए कई बार डीडी मंडी और सचिव से बात की।
इसके बाद भी इसे उपलब्ध नहीं कराया गया तो उन्होंने डीडी मंडी और सचिव की शिकायत सीधे शासन से कर दी थी। मुख्य सचिव राजीव कुमार ने समीक्षा के दौरान खरीद में रुचि न लेने, समय पर संयंत्र उपलब्ध न कराने और शिकायतों के आधार पर इन्हें शुक्रवार को निलंबित कर दिया था।
निलंबन के बाद वाराणसी के उपनिदेशक मंडी हिमांशु शेखर त्रिपाठी को आजमगढ़ का भी चार्ज सौंप दिया गया। शुक्रवार को इन्होंने चार्ज लेने के बाद शाम चार से 10 बजे तक सभी मंडी सचिवों की मीटिंग ली।
बलिया के मंडी सचिव का चार्ज इंस्पेक्टर श्याम नारायण सिंह यादव से चार्ज छीनकर इसे आजमगढ़ के मंडी सचिव जेपी सिंह को सौंप दिया गया। साथ ही उन्हें चेतावनी दी कि बलिया में तीन दिन के भीतर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त हो जानी चाहिए।
बलिया के सचिव से चार्ज लेकर आजमगढ़ के सचिव को वहां का चार्ज सौंपा गया है। तीन दिन के भीतर व्यवस्थाएं दुरुस्त न होने पर उन्हें भी निलंबन की चेतावनी दी गई है। सभी सचिवों की मीटिंग ली गई है। सोमवार तक मंडल के सभी खरीद केंद्रों पर व्यवस्थाएं दुरुस्त होंगी। सभी संयंत्र उपलब्ध होंगे। अन्य विभागीय कार्यों के संबंध में सोमवार को भी सचिवों की मीटिंग ली जाएगी।
हिमांशु शेखर त्रिपाठी, उप निदेशक मंडी
अधिकारियों को मुहैया कराएंगे वाहन
आजमगढ़। उपनिदेशक मंडी हिमांशु शेखर त्रिपाठी ने बताया कि छापेमारी न करने के पीछे अधिकारियों की ओर से अपने पास वाहन न होने का रोना रोया जाता है। अधिकारियों को छापेमारी के लिए वाहन भी उपलब्ध कराए जाएंगे। वाहन का खर्च भी समन शुल्क के साथ ही आरोपी से वसूला जाएगा।
हर माह हो रही 27 से 28 हजार की वसूली
आजमगढ़। उपनिदेशक मंडी हिमांशु शेखर त्रिपाठी ने बताया कि ऐसी शिकायत मिली है बनारस से बिहार के लिए काफी संख्या में अनाज लदे ट्रकों को बिना गेट पास के निकाला जा रहा है। कितने ट्रक निकल रहे हैं ये सबको पता है। हर माह मात्र 27 से 28 हजार का समन शुल्क वसूला जा रहा है। ये उपरोक्त आरोप को पुष्ट करता है कि इसमें विभागीय मिलीभगत है। जबकि क विशिष्ट श्रेणी के लिए 5.10 लाख, क श्रेणी के लिए तीन लाख, ख श्रेणी के लिए दो लाख और ग श्रेणी के लिए एक लाख का स्लैब निर्धारण हो चुका है।