मलेशिया में बंधक बनाए आजमगढ़ जिले के दो युवकों को चंडीगढ़ के भाजपा अध्यक्ष के प्रयास से छुड़वा लिया गया है। मलेशिया में फंसे दोनों युवक वापस घर पहुंच गए हैं। दोनों एजेंट के माध्यम से वहां पर आफिस में नौकरी के नाम पर गए थे लेकिन वहां पर उनसे मजदूरी कराई जा रही थी।
इसी साल 16 मार्च को आजमगढ़ अम्माईम गांव से जीतेंद्र यादव और बालीपुर गांव से राज नारायण यादव मलेशिया गए थे। चंडीगढ़ के एजेंट विनोद यादव ने दोनों को ऑफिस ब्वॉय की नौकरी का लालच देकर मलेशिया के कोट पिंगी में भेज दिया। वहां दोनों के पासपोर्ट छीन लिए और बंधक बनाकर फूल के खेतों में कीटनाशक का छिड़काव करने के काम पर लगा दिया। चंडीगढ़ भाजपा के मीडिया प्रभारी रविंदर पठानिया का दावा है कि उनसे 12 घंटे से अधिक समय तक जबरन काम कराया जाता था। जब दोनों युवकों ने विरोध किया तो जान से मारने की धमकी दी। राज नरायन यादव ने बताया कि चोरी से मोबाइल फोन से अपने परिवार में संपर्क किया।
भाई संजय यादव ने चंडीगढ़ के कॉलोनी नंबर-4 के राजेंद्र यादव से संपर्क किया। यादव ने भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन से मदद की गुहार लगाई। इसके बाद भाजपा अध्यक्ष ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से बात की और दिल्ली जाकर विदेश मंत्रालय से बात की। मंत्रालय के तालमेल के बाद दोनों युवकों के वापस आने का रास्ता खुला। 4 जून को दोनों युवक मलेशिया से कोलकाता पहुंचे और 5 जून को आजमगढ़ घर पहुंचे।