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महापंडित राहुल व्यक्ति ही नहीं, एक शैक्षिक संस्थान थे : डीआईजी

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जहानागंज (आजमगढ़)। महापंडित राहुल सांकृत्यायन व्यक्ति नहीं अपने आप में एक शैक्षिक संस्थान थे। वैष्णो परिवार में जन्म लेने के बावजूद उन्होंने सर्वधर्म समभाव की भावना के साथ भारतीय अस्मिता, साहित्य और आपसी सौहार्द्र के लिए अपना संपूर्ण जीवन भारतीय संस्कृति के लिए समर्पित कर दिया। वह एक महापुरुष थे, हैं और रहेंगे। जिस जिजीविषा और समर्पण के साथ उन्होंने बौद्ध धर्म के लुप्त प्राय ग्रंथों को तिब्बत से खोज निकाला और 24 खच्चरों पर लादकर देश लाए, अपने आप में एक अद्भुत क्रांतिकारी और साहित्यिक मीमांसा धर्मी को बयां करता है।
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उक्त बातें आजमगढ़ परिक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक सुभाष चंद्र दुबे ने महापंडित राहुल सांकृत्यायन के पैतृक गांव कनैला स्थित बालिका इंटर कॉलेज में 128वीं जयंती समारोह में कही। विशिष्ट अतिथि आईपीएस प्रताप गोपेंद्र यादव ने कहा कि महापंडित राहुल जैसे लोग सदी में एक ही बार पैदा होते हैं। उनके जैसा होना और उनके बताए मार्ग पर चलना अपने आप में भारतीय अस्मिता की रक्षा के लिए सबसे सुगम और सफल कार्य है। आज जरूरत है कि भारतीय समाज का हर व्यक्ति महापंडित राहुल के बताए रास्ते पर चले और पूरे भारतवर्ष को जाति, धर्म, संप्रदायरहित समाज के रूप में स्थापित करे।
विद्यालय के प्रबंधक मदन मोहन पांडेय ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। अध्यक्षता विजय शंकर पांडेय और संचालन राजेश्वरी पांडेय ने किया। इस मौके पर डॉ. दिनकर राय, रामनरायन पांडेय, गौरी शंकर सिंह, मधुसूदन पांडेय, बालकृष्ण पांडेय, रीता पांडेय, पप्पू राजभर, रामाधार राजभर, रमेश पांडेय, बाबूराम यादव, नंदलाल वर्मा, अरविंद वर्मा उपस्थित थे।
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जयंती पर उठी भारत रत्न देने की मांग
जहानागंज (आजमगढ़)। महापंडित राहुल सांकृत्यायन के जन्मस्थान पंदहा में जयंत ी पर किसान आंदोलन और राहुल विषयक संगोष्ठी हुई। इस दौरान लोगों ने महापंडित राहुल सांकृत्यायन को भारत रत्न देने की मांग उठाई। मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री एवं विधायक दुर्गा प्रसाद यादव ने लोगों के विचारों से सहमति व्यक्त की। सड़क से लेकर सदन तक मांग उठाने का आश्वासन दिया। कहा कि वो युग परिवर्तनकार साहित्यकार थे। विशिष्ट अतिथि हरि मंदिर पांडेय ने कहा कि एक तरफ महात्मा गांधी चंपारण में असहयोग आंदोलन कर रहे थे तो वहीं राहुल ने छपरा से असहयोग आंदोलन का नेतृत्व किया। कमला सिंह तरकस, हरिगेन राम, लालचंद यादव, अवध बिहारी, उमेश पांडेय ने अपने विचार रखें।
महापंडित राहुल सांकृत्यायन जन पुस्तकालय के प्रबंधक राधेश्याम पाठक ने आभार व्यक्त किया। अमरनाथ पाठक, जितेंद्र हरि पांडेय, बेचू पाठक, रवि पाठक, कमलधारी यादव, अजय गुप्ता, अजीत राय, भृगुनाथ यादव, रईस अहमद, त्रिभुवन पाठक आदि रहे। ब्राह्मण समाज कल्याण परिषद की ओर से भी जिलाध्यक्ष तारकेश्वर मिश्र, महामंत्री ब्रजेश नन्दन पाण्डेय, प्रभु नारायण पाण्डेय प्रेमी, विश्वदेव उपाध्याय, गिरीश चतुर्वेदी, संजय पाण्डेय, मनोज कुमार त्रिपाठी ने कलेक्ट्रेट चौराहे पर स्थित माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
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