जिले के मदरसों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को अब छात्रों की संख्या पर मानदेय या वेतन देने की तैयारी विभाग कर रहा है। अल्पसंख्यक निदेशायल के रजिस्ट्रार द्वारा जिलों को पत्र भी भेज दिया गया है। इससे उन मदरसा संचालकों में खलबली मची हुई है, जिनके पास छात्रों की संख्या न के बराबर है और शिक्षक पूरे भरे हैं। मदरसा पोर्टल पर मदरसा में पढ़ने वाले छात्र- छात्राओं के साथ शिक्षकों की संख्या को अपलोड करना होगा।
जिले में 20 एडेड व 266 आनुनिकीकरण योजना से आच्छादित मदरसे संचालित हैं। यह अपने रजिस्टरों में छात्र-छात्राओं की संख्या अच्छी खासी दिखाए हुए है। छात्रों की संख्या के आधार पर ही आधुनिकीकरण योजना से आच्छादित मदरस्रों में विभिन्न विषयों के शिक्षक भी रखे गए हैं और सरकार से मानदेय व वेतन ले रहे हैं। पहले मदरसा में पढ़ने वाले छात्रों की का विवरण यू डायस प्लस पर अपलोड होता था लेकिन निदेशालय के आदेश आने के बाद अब यू डायस पर छात्रों का विवरण अपलोड करने के बाद मदरसा पोर्टल पर छात्रों के साथ ही मदरसा में पढ़ाने वाले शिक्षकों का विवरण ऑनलाइन करना होगा। ऊपर से आदेश आने के बाद विभाग ने इस पर काम भी शुरू कर दिया है। आधार कार्ड अनिवार्य कर दिए जाने से ऑन लाइन फिडिंग में कोई हेरा फेरी भी नहीं कर पाएगा।