उन्होंने कहा कि समाजवादियों का गढ़ आजमगढ़ रहा है। यहां पर सपा को हराने के लिए भाजपा के मंत्री से लेकर जिला प्रशासन व बसपा के प्रत्याशी लगे हुए थे। इस तिकड़ी गठजोड़ के चलते उन्हें हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि मैं अपनी हार के लिए बसपा-भाजपा के गठबंधन को बधाई दूंगा जो प्रत्यक्ष तौर पर राष्ट्रपति के चुनाव में सामने आया और आजमगढ़ के चुनावों में पहले से चल रहा था।
उन दोनों (बसपा और भाजपा के) लोगों को अपनी खुशी का इजहार करना चाहिए। आगामी चुनाव में यहां की जनता इसका मुंहतोड़ जवाब देगी। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में आजमगढ़ या बदायूं से चुनाव लड़ने के सवाल पर धर्मेंद्र यादव ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का फैसला होगा तो वह चुनाव लड़ेंगे।
पुलिस और अधिकारियों से उलझे धर्मेंद्र यादव
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आजमगढ़ में मतगणना शुरू होने के पूर्व ही विवाद खड़ा हो गया। सपा प्रत्याशी धर्मेंद्र यादव ने मतगणना स्थल पर न जाने देने पर हंगामा शुरू कर दिया और प्रशासन पर ईवीएम बदलने तक का आरोप लगा दिया। मतगणना शुरू होने के पूर्व सपा प्रत्याशी धर्मेंद्र यादव जब केंद्र पर पहुंचे तो सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें बैरिकेडिंग पर ही रोक दिया। इस बात पर वो भड़क उठे और हंगामा शुरू कर दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रत्याशी मतगणना स्थल पर कहीं भी जा सकता है। प्रत्याशी को मतगणना स्थल पर जाने से रोका जाना निश्चित तौर पर प्रशासन द्वारा खेल किए जाने की संभावना को उजागर कर रहा है। उन्होंने प्रशासनिक अमले पर प्रत्याशी को अंदर जाने से रोक कर ईवीएम बदलने का प्रयास करने का आरोप तक लगा दिया। इसके बाद भी उन्होंने अपने जीत का दावा किया।
कहा कि ईवीएम का सैद्धांतिक विरोध परिणाम आने के बाद भी सड़क से लेकर सदन तक जारी रहेगा। लगभग 15 से 20 मिनट के हंगामे के बाद जब आलाधिकारी मौके पर पहुंचे तो सपा प्रत्याशी को अंदर जाने दिया गया। सात से आठ राउंड की गणना के बाद सपा प्रत्याशी पुन: बाहर आए तो मीडिया से कहा कि जीत 200 प्रतिशत सुनिश्चित है। मतगणना चल रही है। मतगणना में कई कमियां है फिर समाजवादी गण में जीत समाजवादियों की ही होगी।