रानी की सराय। पंचायत सचिवालयों के पीछे शासन की मंशा ग्रामीणों को तमाम तरह की सहूलियत देनी की है। इसमें प्रमाण पत्रों से लेकर हर तरह के सरकारी योजनाओं के काम यहां से होते हैं। धरातल पर इस दिशा में फिलहाल मंशा अधूरी है। इसके पीछे की वजह पंचायत भवनों से कर्मचारी नदारद रहते हैं। ऐसे में ग्रामीण परिक्षेत्र के लोग साइबर कैफे का रुख करते हैं। ब्लॉक व तहसील के चक्कर काटते हैं।
रानी की सराय ब्लाक के प्रत्येक ग्राम पंचायत में सचिवालय भवन बने हैं। प्रत्येक ग्राम पंचायत में 1.75 लाख रुपये के बजट से कंप्यूटर, इन्वर्टर से लेकर सीसीटीवी कैमरे खरीदे गए। इन सचिवालयों के संचालन की व्यवस्था की गई। जिससे कि ग्रामीण परिक्षेत्र के लोगों के सरकारी योजना का लाभ मिल सके, लेकिन ज्यादातर स्थानों पर ताले लटके रहते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक जब कभी पंचायत सहायक सचिवालय पहुंचकर खानापूर्ति करते हैं।
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केस-1
पंचायत भवन में बंद मिला ताला
रानी की सराय ब्लाक के ग्राम पंचायत मुरादाबाद में पंचायत भवन बनाया गया है। दोपहर करीब 12.53 बजे अमर उजाला की टीम पंचायत भवन में पहुंची। इस दौरान ब्लाक पर ताला बंद मिला। वहीं फरियादी ब्लाक व तहसील का चक्कर काट रहे हैं।
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केस-2
विकास खंड रानी की सराय के शेषपुर गांव में पंचायत भवन बनाया गया है। ताकि लोगों को यहां से सरकारी योजना का लाभ दिया जा सके। पंचायत भवन तो खुला था लेकिन यहां सिर्फ चार सफाई कर्मचारी मिले। बाकी के अधिकारी नदारद रहे।
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केस-3
पंचायत भवन में रह रहे श्रमिक
विकास खंड रानी की सराय के बढ़या गांव में बनाए गए पंचायत भवन में श्रमिकों का कब्जा है। गांव में पाइपलाइन बिछाने का कार्य कर रहे श्रमिक पंचायत भवन में ही रह रहे हैं। वहीं पर उनका खाना-पीना व सोना हो रहा है। ऐसे में अधिकारी व कर्मचारी यहां आते ही नहीं है।
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केस-4
जिम्मेदार नदारद, बंद मिला ताला
रानी की सराय क्षेत्र के पंदहा गांव में पंचायत भवन बनाया गया है। ताकि लोगों को योजना का लाभ लेने के लिए ब्लाक व तहसील का चक्कर न काटना पड़े। सरकार की इस मंशा पर निचले स्तर के कर्मचारी पानी फेर रहे हैं। पंचायत भवन पर ताला लटकता रहता है। सोमवार को भी पंचायत भवन पर ताला लटक रहा था।
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मैं इसे दिखवाता हूं। यदि ऐसा है तो कल से कर्मचारी पंचायत भवनों में बैठेंगे। जहां तक रही बात ठेकेदार द्वारा पंचायत भवन में रहने की तो उन्हें तत्काल हटाने के लिए निर्देश दिए जाएगा।
- रामकवल यादव, एडीओ पंचायत, रानी की सराय।