आजमगढ़। महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए साल 2023-24 में शहर में तीन जगह पिंक बूथ खोले गए थे। इस पर महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती भी की गई थी। लेकिन इस समय तीनों पिंक बूथ बंद चल रहे हैं। इस वजह से महिलाओं को इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। हालांकि एसपी सिटी का कहना है कि नीट और पुलिस भर्ती परीक्षा में ज्यादातर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी होने के कारण ये बूथ बंद हैं। जल्द ही यहां महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती कर दी जाएगी।
वर्ष 2023-24 में शहर में तीन जगह पिंक बूथ बनाए गए थे। अधिकतर बूथों का तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने उद्घाटन किया था। सभी बूथों में महिला व पुरुष पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई थी। इसमें महिला कर्मियों की संख्या अधिक थी। बूथों में पुलिसकर्मियों के अलावा शिकायतकर्ता महिलाओं के बैठने के लिए कुर्सियां, शिकायत दर्ज करने के लिए कंप्यूटर सिस्टम व पीने के पानी आदि की व्यवस्था की गई थी। महिला पुलिसकर्मियों को थानों से मुहैया कराई गई स्कूटी व उनके हेलमेट के रंग को भी पिंक कर दिया गया था। लेकिन वर्तमान में ये पिंक बूथ बंद हैं। इस कारण समस्याओं के समाधान के लिए यहां आने पर महिलाओं को निराश लौटना पड़ता है।
ब्रह्मस्थान पर पिंक बूथ बनाया गया है। यहां पर पंखा भी लगाया गया है। इस पिंक बूथ पर कोई महिला पुलिसकर्मी नहीं है। पिंक बूथ पर धूल जमी है। देखकर ऐसा लगा रहा है काफी समय से यह खुला ही नहीं है। हालांकि अंदर पंखा चलता दिखाई दे रहा है।
शहर के बीच में सिविल लाइन है। यहां छोटे से लेकर बड़े अधिकारी रहते हैं। भीड़ वाला इलाका होने के कारण यहां पिंक बूथ बनवाया गया है। बनने के बाद कुछ दिन तो ठीक चला लेकिन बाद में बंद हो गया।
शहर के बड़ादेव पर पिंक बूथ बना हुआ है। हर समय महिला पिंक बूथ पर ताला बंद रहता है। इस कारण यदि कोई महिला अपनी समस्याओं को लेकर आए तो उसे निराशा ही हाथ लगेगी।
नीट की और पुलिस भर्ती परीक्षा में ज्यादातर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगी है। इसी वजह से पिंक बूथ बंद हैं। जल्द ही महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी पिंक बूथ पर लगा दी जाएगी। - शैलेंद्र लाल, एसपी सिटी।
सरकार महिलाओं की सुरक्षा के लिए योजना लाती है। इसके तहत शहर में पिंक बूथ बनाए जाते हैं। कुछ दिन सब दिखावा चलता है। इसके बाद सब जस का तस हो जाता है। अपने शहर में भी बने पिंक बूथ हर समय बंद ही रहते हैं। यदि इस तरफ ध्यान दिया जाता तो शायद इनपर धूल नहीं जमती। किसी न किसी महिला को इससे मदद मिलती। सरकार को योजना के सफल संचालन की मॉनिटरिंग करनी चाहिए। - डाॅ. पूनम तिवारी, सचिव नारी शक्ति संस्थान आजमगढ़।