आजमगढ़। पिछले सत्र से मिल रहे मानदेय को बंद करने को लेकर नाराज वित्तविहीन शिक्षकों ने बुधवार को माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षक महासभा के बैनर तले जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर तालाबंदी कर धरना दिया। इस दौरान मांगों को लेकर वित्तविहीन शिक्षकों ने शासन के विरोध में नारेबाजी की।
साथ ही चेतावनी दी कि यदि मांग पूरी नहीं होती है तो प्रदेश में बड़े पैमाने पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। बाद में मुख्यमंत्री को संबोधित दस सूत्री मांगों का ज्ञापन जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंपा।
धरना सभा में माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षक महासभा के प्रदेश अध्यक्ष उमेश द्विवेदी ने कहा कि प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा में 87 प्रतिशत की भागीदारी देने वाले 21 हजार वित्तविहीन विद्यालयों के लगभग 2.5 लाख शिक्षक और कर्मचारी आज रोजी पाकर रोटी के लिए मोहताज हैं।
प्रदेश में भाजपा की पूर्ण बहुत की सरकार आने पर शिक्षकों और कर्मचारियों को बड़ी आशा थी। लेकिन जब उन्हें यह पता चला कि पिछली सरकार ने जो मानदेय दिया था, उसे वर्तमान प्रदेश सरकार समाप्त करने जा रही है, इससे शिक्षकों और कर्मचारियों में गुस्सा है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने मानदेय बहाल नहीं किया तो हम लोग सड़क से लेकर सदर तक संघर्ष करेंगे। धरने को महासचिव अजय सिंह एडवोकेट, जिलाध्यक्ष डा. सुधीर कुमार श्रीवास्तव, राजेंद्र यादव, अच्युतानंद त्रिपाठी, महादेव यादव, रामजतन यादव आदि ने संबोधित किया। इस अवसर पर रमाकांत वर्मा, अंशुमन राय, विजय तिवारी, सुनील सिंह, प्रदीप राय, जफर आलम, रामजन्म सिंह, रमेश सिंह, राजवीर सिंह, ज्ञानेश्वर यादव, शरद श्रीवास्तव, मनोज, रामसूरत, इंद्रकुमार आदि शिक्षक मौजूद रहे।