पुलिस ने 11 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता विक्रम सिंह पटेल व प्राइवेट कौसिल श्रीप्रकाश राय ने वादी कैलाशी समेत 23 गवाहों को पेश किया और दलील को रखा।
अभियोजन और बचाव पक्ष के तर्को को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 21 साल बाद रमाकांत सिंह, संत विजय सिंह, सुनील सिंह, यशवंत सिंह व दिनेश सिंह को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व 31-31 हजार जुर्माना की सजा सुनाया।