आजमगढ़। सिधारी थाना क्षेत्र के चकभाई खां में 2018 में हुई हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने एक दाषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, जबकि पांच अन्य आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। दोषी पर एक लाख एक हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। मामला दो नवंबर 2018 का है, जब चकभाई खां निवासी देवराज यादव ने थाने में तहरीर दी थी कि उनके रिश्तेदार धनपत यादव पितृ भोज में शामिल होने गए थे, तभी चकविलिन्दा और चकनेवाज के छह आरोपियों ने पिस्टल से चार गोलियां मारकर उनकी हत्या कर दी।
इस संबंध में थाना सिधारी में हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मुकदमे में 12 गवाहों के बयान दर्ज हुए। साक्ष्यों के आधार पर बृहस्पतिवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने अभियुक्त गोपाल यादव निवासी चकविलिंदा को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और एक लाख एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जबकि अन्य आरोपी महेंद्र यादव, शिवजन्म यादव, रामजन्म यादव, सुरेंद्र यादव और शैलेंद्र यादव को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया।