फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कम ही सही, यहां भी हुई मानक से अधिक दाम पर खरीद

विज्ञापन
विज्ञापन
आजमगढ़। प्रदेश के कई जनपदों में कोरोना संक्रमण पर प्रभावी रोक लगाने के लिए हुई पल्स ऑक्सीमीटर और इंफ्रारेड थर्मामीटर की खरीद में हुई धांधली को लेकर हायतौबा मची है। जनपद में भी कम ही सही लेकिन निर्धारित मानक से अधिक दामों पर पल्स ऑक्सीमीटर और इंफ्रारेड थर्मामीटर की खरीद हुई है। शासन से दोनों यंत्रों की खरीद के लिए 2800 रुपये का मानक तय किया गया था। जनपद में 1128 गांवों के लिए 3640 रुपये में दोनों यंत्रों की खरीद की गई है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो जिस समय खरीद की गई थी उस समय मार्केट में इसकी उपलब्धता कम और रेट अधिक थे
विज्ञापन

शासन द्वारा कोविड-19 की रोकथाम के लिए हर ग्राम पंचायत में पल्स ऑक्सीमीटर, इंफ्रारेड थर्मामीटर और सैनिटाइजर का एक सेट राज्य वित्त आयोग की धनराशि से खरीदे जाने के निर्देश 23 जून को दिए थे। इसमें खरीद के लिए 2800 रुपये मानक धनराशि तय की गई थी। जनपद सोनभद्र, गाजीपुर, सुल्तानपुर आदि कई जनपदों में बाजार मूल्य और शासन की ओर से तय की गई धनराशि से कई गुना अधिक मूल्य पर इन उपकरणों को खरीदे जाने की जानकारी मिलने से हड़कंप मचा है। कई जनपदों में डीपीआरओ और एडीपीआरओ को निलंबित किया जा चुका है। बड़े पैमाने पर धांधली की जानकारी मिलने पर सीएम ने इस पूरे मामले में जांच के लिए एसआइटी का गठन किया है। जांच शुरू होने बाद सभी जनपदों से इसकी खरीद के बारे में जानकारी मांगी गई थी। जनपद से भी इसकी जानकारी भेजी दी गई है। विभाग के अनुसार 1128 गांवों के लिए 2490 रुपये में इंफ्रारेड थर्मामीटर और 1150 रुपये की दर से पल्स ऑक्सीमीटर की खरीद की गई है। इस दर को आपदा प्रबंध समिति की ओर से निर्धारित किया गया था। दोनों संयंत्रों की कुल कीमत 3640 रुपये आई है। मुख्यमंत्री की ओर से जिन जनपदों में कार्रवाई की गई है वहां निर्धारित मूल्य से कई गुना अधिक मूल्य पर खरीदारी दिखाई गई है। हालांकि जनपद में भी निर्धारित मूल्य से अधिक पर ही खरीदारी की गई है लेकिन इसके पीछे शासन को ठोस कारण भी बताया गया है।
कई ग्राम पंचायतों के यंत्र खराब
आजमगढ़। खरीद के बाद कई ग्राम पंचयातों के यंत्र के खराब होने की भी सूचनाएं आ रही है। अहरौला ब्लाक के कई गांवों में यंत्र के खराब होने पर इसे आशाओं की ओर से सीएचसी पर जमा कराने की बात बताई गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें