आजमगढ़/लालगंज। रजिस्ट्री कार्य को निजी कंपनी के माध्यम से संचालित किए जाने के प्रस्तावित निर्णय के विरोध में सोमवार से उप निबंधक कार्यालयों में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टांप वेंडरों तथा मुंशियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल के कारण रजिस्ट्री और ई-पंजीयन संबंधी कार्य पूरी तरह प्रभावित रहे। आंदोलनकारियों ने सरकार के प्रस्तावित कदम को रोजगार, अधिकार और सम्मान पर सीधा आघात बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। उनका कहना है कि रजिस्ट्री कार्य किसी निजी कंपनी को सौंपे जाने से वर्षों से इस व्यवस्था से जुड़े हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि पंजीयन विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टांप वेंडरों और मुंशियों सहित सभी हितधारकों के सुझावों को महत्व दिया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह आंदोलन केवल रोजगार बचाने का नहीं, बल्कि अधिकारों, सम्मान और अस्तित्व की रक्षा का संघर्ष है। उन्होंने सभी संबंधित वर्गों से एकजुट रहने का आह्वान करते हुए कहा कि संगठन की ताकत से ही उनके हित सुरक्षित रह सकते हैं। आंदोलनकारियों के अनुसार प्रदेशभर में रजिस्ट्री कार्य बंद रहने से लगभग सात करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने तक हड़ताल जारी रहेगी। आजमगढ़ में दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह और महामंत्री अजय कुमार मौर्य के नेतृत्व में हुए आंदोलन में कोषाध्यक्ष अमजद शेख सहित बड़ी संख्या में दस्तावेज लेखक, स्टांप वेंडर और मुंशी शामिल रहे। वहीं लालगंज तहसील में दस्तावेज लेखक एवं स्टांप विक्रेताओं ने स्टांप एवं पंजीयन विभाग की ई-पंजीयन नीति के विरोध में धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने तहसीलदार और उपनिबंधक के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। धरने के कारण पूरे दिन निबंधन कार्य प्रभावित रहा और कार्यालय का कामकाज ठप पड़ा रहा। दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तथा स्टांप विक्रेता संघ के अध्यक्ष राजकुमार सिंह ने कहा कि सरकार घर बैठे ऑनलाइन निबंधन की योजना लागू करने जा रही है, जिससे दस्तावेज लेखकों और स्टांप विक्रेताओं की आवश्यकता समाप्त हो सकती है। उन्होंने आशंका जताई कि इससे प्रदेशभर में हजारों लोग बेरोजगार हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार इस योजना को वापस नहीं लेती, तब तक धरना और आंदोलन जारी रहेगा। धरने में गामा तिवारी, सूर्य प्रकाश यादव, जय प्रकाश यादव, रामजीत, शशिकांत यादव, शंकर सिंह, पंकज मिश्रा, शिवनाथ यादव, रामविलास सिंह, राजेंद्र प्रसाद मौर्य, राजेश तिवारी, दिनेश यादव और अजय मिश्रा सहित बड़ी संख्या में दस्तावेज लेखक एवं स्टांप विक्रेता उपस्थित रहे।