एनएच 233 लुंबिनी-सारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए अधिग्रहित की गई भूमि किसानों से सहमती पर न लेने और मुआवजा में अनियमितता बरतने से किसानों में गुस्सा है। शुक्रवार किसानों ने डीएम कार्यालय पहुंच प्रदर्शन किया। जिला प्रशासन को पांच सूत्रीय मांग पत्र सौंप आंदोलन की चेतावनी दी।
किसान बचाओ आंदोलन के संयोजक गोपाल यादव ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 2013 के अंतर्गत निर्धारित मुआवजा किसानों को नहीं दिया जा रहा है। एक ही गांव में किसानों को अलग-अलग रेट से मुआवजा दिया गया, जो अधिनियम के विरुद्ध है।
इसके अलावा, भूमि के अधिग्रहण से पूर्व अधिकारियों द्वारा किसानों के साथ न तो बैठक की गई, न ही किसानों की सहमति ली गई। यह भी अधिनियम के विरुद्ध है। अधिकारियों ने वादा किया था कि मुआवजा देने के बाद ही जमीन अधिगृहीत की जाएगी, लेकिन इस वादे से भी अधिकारी मुकर गए।
उन्होंने कहा कि यदि समस्याओं का अविलंब निस्तारण नहीं हुआ तो 17 अप्रैल को रानी की सराय थाने पर धरना दिया जाएगा। इसके बाद, 18 अप्रैल को सदर तहसील क्षेत्र के रानी की सराय के सेमरहा गांव में हो रहे हाइवे निर्माण को रोककर धरना शुरू दिया जाएगा। इस अवसर पर कालिका राय, रामाश्रय राम, रवि यादव, रमाशंकर राय, रामाश्रय यादव, त्रिभुवन यादव, रमेश राय, मेवा राय, अरविंद राय, अनिल यादव, रामभुवन यादव आदि रहे।