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छह नवंबर को जमुआ में होगी किसान पंचायत

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आजमगढ़। जमीन-मकान बचाओ संयुक्त मोर्चा जनपद में बड़े आंदोलन की तैयारी में हैं। इसे लेकर मोर्चा द्वारा छह नवंबर को जमुआ स्थित धरना स्थल पर किसान पंचायत का आयोजन किया गया है। इसके बाद आठ नवंबर को किसानों के धरने को समर्थन देने सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर और नौ नवंबर को किसान नेता राकेश टिकैत का आगमन होगा।
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मोर्चे के संयोजक रामनयन यादव ने कहा कि तीन हफ्ते से हम जमुआ की बाग में धरने पर बैठे हैं। यह धरना 12 अक्तूूबर के दिन और रात में जब प्रशासन ने सर्वे के नाम पर उत्पीड़न किया उसके विरोध में शुरू हुआ। आज तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तो दूर, अब झूठी सर्वे रिपोर्ट के नाम पर ग्रामीणों को आतंकित किया जा रहा है कि उनकी जमीन ली जाएगी। जब गांव में अधिकारियों ने सर्वे किया ही नहीं तो सर्वे रिपोर्ट कैसी। इस झूठ-फरेब के खिलाफ छह नवंबर को किसान पंचायत होगी। किसान पंचायत में किसान आंदोलन के नेतृत्वकारी नेता शामिल होंगे। आठ नवंबर को जन आंदोलनों की नेता मेघा पाटकर और नौ नवंबर को किसान नेता राकेश टिकैत धरने के समर्थन में आएंगे।
ग्रामीणों ने साफ कहा है कि हम जमीन-मकान नहीं देंगे। पूरे देश के किसान नेता हमें समर्थन कर रहे हैं। इस आंदोलन को संयुक्त किसान मोर्चा, जनांदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय जैसे संगठनों का निरंतर समर्थन मिल रहा है। 21वें दिन जारी धरने में बड़े पैमाने पर ग्रामीण महिला-पुरुष शामिल हुए। किसान नेता दुखहरन राम, राजेश आजाद और राजीव यादव ने धरने को संबोधित किया। अध्यक्षता फूलमती और संचालन शशिकांत उपाध्याय ने किया।
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