आधार आधारित बैंकिंग प्रणाली (एईपीएस) के जरिए साइबर ठगी करने वाले गैंग के सरगना को गंभीरपुर पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी सद्दाम के कब्जे से एक कूटरचित आधार कार्ड और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है।
पुलिस आरोपी के नेटवर्क और अन्य साथियों की तलाश में जुटी है। सीओ सदर आस्था जायसवाल ने बताया कि 11 जुलाई को साइबर सेल और गंभीरपुर पुलिस ने संदिग्ध बैंक खातों व एटीएम हॉटस्पॉट की जांच के दौरान यश विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया था।
पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों की जांच में सामने आया कि वह अपने साथी सद्दाम के साथ मिलकर आधार आधारित बैंकिंग (एईपीएस) प्रणाली और बायोमेट्रिक उपकरणों का दुरुपयोग कर साइबर ठगी की रकम विभिन्न बैंक खातों से निकालता था। इसके बाद दोनों कमीशन के आधार पर धनराशि का बंटवारा करते थे।
इस मामले में गंभीरपुर थाने में बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। सोमवार को मुखबिर की सूचना पर गंभीरपुर पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने रानीपुर-रजमों मोड़ से वांछित आरोपी सद्दाम को गिरफ्तार कर लिया।
तलाशी के दौरान उसके पास से एक फर्जी आधार कार्ड और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपी का आपराधिक इतिहास भी रहा है।
उसके खिलाफ साइबर ठगी के अलावा गोवध निवारण अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में पहले से कई प्राथमिकी दर्ज हैं। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और साइबर ठगी के नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है। अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।