सठियांव। चीनी मिल सठियांव से निकलने वाला प्रेसमड (मैल) किसानों को नहीं मिलेगा। इस बार मशीन से मैल को गुल्ला बनाकर भट्ठा मालिकों को बेंच दिया जाएगा। जबकि इसे किसानों को बेंचा जाता था। जिसे किसान खाद के रूप में प्रयोग करते थे। मिल द्वारा लिए गए इस निर्णय से किसानों में काफी रोष है।
मिल में चीनी तैयार करने के समय गुड़ से 3.5 फीसद प्रेसमड निकलता है। इसका टेंडर कराकर प्रबंधन व संचालकों द्वारा रेट निर्धारित कर किसानों को दिया जाता था। किसान इसका प्रयोग खाद के रूप में करते थे। इससे खेत की मिट्टी खेती योग्य हो जाती है। पिछले सत्र यह खाद किसानों को 300 रुपये प्रति ट्राली के हिसाब से दी जाती रही थी। डायरेक्टर आनंद कुमार उपाध्याय, रामअवध यादव के मुताबिक इस बार किसानों को नहीं दिया जा रहा है। इस गुल्ले का प्रयोग बराबर मात्रा में कोयले के साथ भठ्ठे में झोंकने के लिए किया जाता है जो सस्ता पड़ता है। ठेकेदार के माध्यम से गुल्ला बनाकर 600 रुपये प्रति ट्राली बेचा जा रहा है।