घर से खरीदारी के लिए निकले किराना व्यापारी का रविवार की सुबह ठेकमा बाजार से अपहरण हो गया था लेकिन देर रात नाटकीय ढंग से वह घर लौट आया। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि बाजार में किसी ने उसे रुमाल सूंघाकर अपहरण कर लिया। हालांकि इस मामले में एक-दूसरे के क्षेत्र का घटनास्थल बताकर गंभीरपुर और बरदह थाना पुलिस मामला दर्ज करने से पूरे दिन बचती रही।
परिवार के लोगों को अपहरण की जानकारी अपराह्न एक बजे के करीब उस समय हुई, जब व्यापारी के चालक के मोबाइल पर मैसेज आया। चालक के बताने पर अपहृत व्यापारी का पूरा परिवार परेशान हो गया। बाबा रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए गंभीरपुर थाने पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल बरदह थाना क्षेत्र बताया। व्यापारी का बाबा दोनों थानों के बीच चक्कर लगा रहा था।
किराना व्यापारी आशीष जायसवाल (25) गंभीरपुर बाजार का निवासी है। वह बाजार निवासी स्व. अरविंद का इकलौता पुत्र है। पिता की मौत के बाद वह अपने बूढ़े दादा बाबूलाल जायसवाल के साथ कारोबार करता था। घर के पास ही आशीष की किराने की दूकान है। उसके यहां गंभीरपुर थाने के इब्राहिमपुर गांव निवासी बब्बल चालक है। रविवार की सुबह आशीष अकेले ठेकमा बाजार खरीदारी के लिए निकला।
दोपहर करीब एक बजे आशीष के मोबाइल से चालक के मोबाइल पर अपहरण होने का मैसेज आया। उसमें बताया गया है कि अपहरणकर्ता उसे जौनपुर के आगे लेकर जा रहे हैं। मैसेज आने के बाद से ही उसका मोबाइल बंद है। आशीष के अपहरण की सूचना से हलाकान उसके बाबा बाबूलाल रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए गंभीरपुर थाने पहुंचे लेकिन थानाध्यक्ष गंभीरपुर केडी तिवारी नेे रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय घटना स्थल बरदह थाना क्षेत्र बताकर उसे वहां भेज दिया। जबकि बरदह थाने की पुलिस गंभीरपुर में तहरीर देने की बात कहते हुए उसे अपने यहां से टरका दिया। बता दें कि बाबूलाल दो फरवरी को अपनी 70 लाख रुपये में जमीन बेची है।
पुलिस की पूछताछ में व्यापारी ने बताया कि जब वह ठेकमा बाजार पहुंचा तो किसी ने उसका परिचय पूछा और रुमाल सूंघा दिया। इसके बाद वह बेहोश हो गया। बदमाश उसे बोलेरो से लेकर कहीं जाने लगे। जौनपुर के पास उसे होश आया तो उसने अपने मोबाइल से अपने चालक को मैसेज कर इसकी सूचना दी। बताया कि इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। बदमाश उसके पास खरीदारी के लिए रखे 80 हजार रुपये और मोबाइल लेकर चले गए और बरदह के पास कहीं उसे छोड़ दिया। वहां से पैदल बाजार पहुंचने पर व्यापारी उसे घर ले आए और पुलिस को इसकी सूचना दी।