आजमगढ़। अतरौलिया नगर पंचायत में कान्हा गोशाला के लिए 158 लाख का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया। दरों की जांच के लिए इसे पीडब्ल्यूडी को भेजा गया है। जांच के बाद इसे मंजूरी के लिए शासन को भेजा जाएगा। पिछले दिनों कान्हा गोशाला के लिए नगर पंचायत के चिश्तीपुर में भूमि नाम कर दी गई थी। इससे पहले आजमगढ़ और माहुल में कान्हा गोशाला के निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है।
वर्ष 2019 में जनपद में चार निकायों में जमीन चिह्नित कर कान्हा गोशाला के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। इसमें नगर पंचायत माहुल, निजामाबाद और पालिका आजमगढ़ और मुबारकपुर से शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले शासन की ओर से माहुल के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई थी। दो किस्त में 77 लाख की धनराशि भी जारी हो गई है। हालांकि जमीन चयन में पेच फंसने के कारण अभी तक निर्माण शुरू नहीं हो सका है। पिछले दिनों शासन की ओर से आजमगढ़ पालिका के भी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई थी। मुजफ्फरपुर में 165.89 लाख से बनने वाली कान्हा गोशाला के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, जिसे स्वीकृति दे दी गई है। पहली किस्त के रूप में लगभग 83 लाख रुपये जारी कर दिए गए थे। इसके बाद अतरौलिया में भी कान्हा गोशाला के लिए भूमि मिल गई थी। बूढ़नपुर तहसील के चिस्तीपुर में योजना के तहत .771 हेक्टेयर भूमि का पुनर्ग्रहण कान्हा गोशाला नगर पंचायत अतरौलिया के नाम कमिश्नर कनक त्रिपाठी ने कर दिया था। जमीन नाम होने के बाद नगर पंचायत की ओर से 158 लाख का प्रस्ताव बनाकर जिला मुख्यालय को भेज दिया गया है। जिला प्रशासन की ओर से इसकी दरों जांच के लिए पीडब्ल्यूडी को भेजा गया है। जांच के बाद इसे मंजूरी के लिए शासन को भेजा जाएगा।
समस्याओं से मिलेगी मुक्ति
निकायों के अधीन पहले भी कांजी हाउस में आवारा पशुओं को रखे जाने का प्रावधान था, लेकिन वर्तमान में किसी निकाय में कांजी हाउस संचालित नहीं है। वर्षों पहले ये बंद हो चुके हैं। कान्हा आश्रय स्थल योजना से आवारा पशुओं की लाइलाज बीमारी का कुछ हद तक हल निकलेगा। गोवंश सहित कई अन्य आवारा पशु सड़कों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर परेशानी का सबब बनते हैं। ऐसे ही पशुओं को सुरक्षित रखने का बेहतर व हाईटेक स्थान बनाया जाना है। जहां पक्का निर्माण, चारा, पानी, बायो गैस प्लांट, सौर ऊर्जा आदि का बंदोबस्त रहेगा।
अतरौलिया नगर पंचायत में कान्हा गोशाला के लिए 158 लाख का प्रस्ताव तैयार किया गया है। दरों की जांच के लिए इसे पीडब्ल्यूडी को भेजा गया है। जांच के बाद इसे मंजूरी के लिए शासन को भेजा जाएगा। - नरेंद्र सिंह, प्रभारी अधिकारी नगरीय निकाय