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UP: आजमगढ़ में तैनात रहे जेडी शेषनाथ पांडेय ने बर्खास्त शिक्षिका का जारी कर दिया था वेतन, जांच में हुई पुष्टि

Sat, 07 Mar 2026 09:27 AM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।

सार

आजमगढ़ में तैनात रहे जेडी शेषनाथ पांडेय ने बर्खास्त शिक्षिका का वेतन जारी कर दिया था। शासन स्तर पर हुई जांच में मामले की पुष्टि होने पर सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : AI जनरेटेड
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विस्तार
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प्रदेश सरकार ने गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं में आरोप सिद्ध होने पर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक शेषनाथ पांडेय को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। आजमगढ़ जिले की भी एक शिक्षिका को प्रबंधक ने बर्खास्त कर दिया था। हाईकोर्ट से भी उसे राहत नहीं मिली थी। लेकिन, तत्कालीन रजिस्ट्रार शेषनाथ पांडेय ने उसके वेतन और पेंशन का भुगतान कर दिया था। शासन की जांच में इसकी पुष्टि होने के बाद यह कार्रवाई की गई है। 
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क्या है पूरा मामला
मुबारकपुर की रहने वाली शगुफ्ता बानो की नियुक्ति 1982 में मदरसा बाबुल इल्म में हुई थी। वर्ष 1999-2000 में मुबारकपुर में शिया और सुन्नी का दंगा हुआ था। शगुफ्ता बानो ने खुद को धमकी मिलने का हवाला देते हुए विभाग से खुद को मदरसा बाबुल इल्म से अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की थी। तब निदेशालय ने उन्हें जिला अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय से संबद्ध कर दिया था। इसी बीच मदरसे के प्रबंधक ने वर्ष 2002 में इन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया।

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प्रबंधक के बर्खास्त करने के बाद शगुफ्ता बानो हाईकोर्ट चली गई। हाईकोर्ट ने बर्खास्तगी पर स्टे दे दिया। लेकिन, मदरसे के प्रबंधक ने उन्हें ज्वाइन नहीं कराया। चार फरवरी 2020 को मेरिट के आधार पर हाईकोर्ट ने शगुफ्ता की याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद हाईकोर्ट में विशेष अपील दायर की गई थी, इसे हाईकोर्ट ने 16 जून 2020 को खारिज कर दिया था। इसके बाद भी इन्हें स्टे के आधार पर वेतन मिलता रहा।
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