कप्तानगंज थाना क्षेत्र केे समदीपुर गांव के पास गत दिनों हुई ठेकेदार शैलेंद्र की हत्या में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने शनिवार को मामले का खुलासा किया।
इस दौरान पुलिस ने बताया कि ठेकेदार शैलेंद्र की हत्या जमीन रंजिश को लेकर की गई थी। फरार मुख्य हत्यारोपी द्वारा खरीदी गई जमीन का अमल दरामद शैलेंद्र सिंह नहीं होने दे रहे थे।
पुलिस ने हत्या के मामले में जिन तीन लोगाें को गिरफ्तार किया, वे हत्या के षड्यंत्र रचने में शामिल थे। हत्या की घटना को अंजाम देने वाले दो शूटरों के साथ मुख्य आरोपी की पुलिस को तलाश है।
हत्या का खुलासा करने के लिए एएसपी नगर ने शनिवार की शाम पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता किया। एएसपी नगर विनोद ने बताया कि
गिरफ्तार राम अवतार अंबेडकर नगर जिले के अकबरपुर थाना क्षेत्र के अरियौना गांव का, सोहराब पुत्र मो. यासीन अतरौलिया थाने के पखुआडीह गांव का, कमलेश यादव पुत्र राममूरत यादव अतरौलिया थाने के घनघटा गांव का निवासी है।
एएसपी की माने तो हत्याकांड का मुख्य आरोपी संजय मिश्र उर्फ बब्लू पुत्र कालिका है। वह अतरौलिया थाने के मुबारकपुर मिश्रौलिया गांव का निवासी है।
साथ ही हत्या के एक मामले में सजायाफ्ता और अतरौलिया थाने का हिस्ट्रीशीटर है। पुलिस ने बताया कि संजय उर्फ बब्लू मिश्र अतरौलिया थाने के भीलमपुर छपरा गांव निवासी त्रिभुवन सिंह की जमीन रजिस्ट्री कराने का प्रयास किया लेकिन मामला अटक गया।
इस पर वह अतरौलिया थाने के सिंघौरा गांव निवासी और दोस्त रवि सिंह के नाम से जमीन का बैनामा करा लिया। बाद में रजिस्टर्ड जमीन का आधा हिस्सा अपने नाम करा लिया
लेकिन इस बीच अगस्त 2014 में बूढ़पुर बाजार में बस स्टेशन पर रवि की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसका परिणाम यह हुआ कि शैलेंद्र सिंह के प्रयास से संजय उर्फ बबलू द्वारा रजिस्ट्री कराई गई जमीन का अमल दरामद अधर में अटक गया।
इस पर संजय ने शैलेंद्र सिंह को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार राम अवतार के घर पर 16 जनवरी को हत्या की योजना तैयार की गई।
इसमें पकड़ा गया कमलेश, सोहराब, राहुल और विक्की भी शामिल थे। 22 फरवरी को शैलेंद्र की हत्या की गई। ठेकेदार शैलेंद्र को अहरौला थाने के पकड़ी गांव निवासी
राहुल यादव और पैड़िया गांव निवासी विक्की उर्फ विजय ने गोली मारी। पुलिस को इनकी तलाश है। थानाध्यक्ष ने बताया कि शूटरों को रामअवतार ने बाइक उपलब्ध कराई थी।