आजमगढ़। शासन ने जल संचयन के कार्यों को सरकार की प्राथमिकता में शामिल किया है। इसके लिए समस्त शासकीय, अर्द्धशासकीय और स्कूल-कालेजों के भवनों पर अनिवार्य रूप से रूफ टॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली की स्थापना के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए नोडल अधिकारी भी नामित किया गया है।
एक ओर जहां प्रशासन जल संरक्षण और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को सख्ती से लागू करने की बात करता है, वहीं, दूसरी ओर प्रशासन और सरकारी विभागों द्वारा ही भूजल बचाओ अभियान के खिल्ली उड़ाई जा रही है। शासन की सख्ती के बाद भी प्रशासन ने सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को लेकर कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। ऐसे में सरकार की यह योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। इस बार शासन इसे लेकर सख्त है। इसके लिए शासन स्तर से लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को जनपद स्तर पर इस प्रणाली की स्थापना की प्रगति का अनुश्रवण करने के लिए नोडल अधिकारी नामित किया गया है। साथ ही डीएम को हार्वेस्टिंग प्रणाली की स्थापना की प्रगति पर नजर रखने का निर्देश दिया है। लघु सिंचाई विभाग जानकारी जुटा रहा कि कितने सरकारी भवनों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया गया है और कितने पर नहीं।
शासन स्तर से निर्देश जारी किए गए हैं कि समस्त शासकीय, अर्द्धशासकीय और स्कूल-कालेजों के भवनों पर अनिवार्य रूप से रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया जाए। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के लिए विद्यालयों का डाटा मिल गया है। अन्य विभागों से लिया जा रहा है। सूची तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। इसके बाद रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाएंगे। - सुधाकर सिंह, सहायक अभियंता लघु सिंचाई विभाग, आजमगढ़।