आजमगढ़। राष्ट्रीय कवि संगम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश मित्तल (बाबू जी) के अमृत महोत्सव के अवसर पर रविवार को शहर के मारवाड़ी धर्मशाला में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें कवियों ने रचनाएं सुनाईं।
गीतकार विजेंद्र श्रीवास्तव करुण ने - चलो एक दीपक वहां भी जलाएं... सुनाया। शायर संदीप गांधी नेहाल ने - बहुत तकलीफ होती है यूू अपनों को जलाने में... सुनाया।
कवि आदित्य आज़मी ने - जिंदगी तो बेवफा है..., जबकि वरिष्ठ गीतकार कौशल कुमार राय ने - तुमको बचाने भगवान नहीं आएंगे... से श्रोताओं को झकझोर दिया। गीतकार राकेश पांडेय सागर ने - मैं निबाहूंगा प्रणय के बंधनों को, तुम प्रिये बस प्रेम का अभिसार करना... सुनाया। कार्यक्रम का आयोजन कवि संगम गोरक्ष प्रांत के महामंत्री राकेश पांडेय सागर के संयोेजन में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार हरिहर पाठक ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में संस्था के गोरक्ष प्रांत के अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार मिश्र रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ कवि रुद्रनाथ चौबे रुद्र ने वाणी वंदना से किया। संचालन कवि लालबहादुर चौरसिया लाल ने किया। इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. शशिभूषण श्रीवास्तव प्रशांत, डॉ. प्रवेश कुमार सिंह, देवेंद्र तिवारी देव, घनश्याम यादव, रत्नेश राय, संतोष पांडेय आदि उपस्थित थे।